चना, मसूर एवं मटर की अच्छी बिजाई का अभियान जारी

24-Nov-2025 08:37 PM

नई दिल्ली। रबी कालीन दलहन फसलों की खेती में भारतीय किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है जिससे इसके क्षेत्रफल में अच्छी प्रगति हो रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार रबी कालीन दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र इस वर्ष 21 नवम्बर तक बढ़कर 73.73 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया

जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 68.15 लाख हेक्टेयर से 5.58 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। ज्ञात हो कि इस बार रबी कालीन दलहन फसलों का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 140.42 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है जिसके 50 प्रतिशत से अधिक भाग में बिजाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जोरदार बिजाई का अभियान अभी जारी है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में मौजूदा रबी सीजन के दौरान चना का उत्पादन क्षेत्र 49.30 लाख हेक्टेयर से उछलकर 53.71 लाख हेक्टेयर, मसूर का बिजाई क्षेत्र 8.57 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 9.01 लाख हेक्टेयर तथा मटर का रकबा 4.80 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.58 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। इसी तरह कुलथी का क्षेत्रफल भी 1.03 लाख हेक्टेयर सुधरकर 1.11 लाख हेक्टेयर हो गया। 

दूसरी ओर इसी अवधि में उड़द का उत्पादन क्षेत्र 99 हजार हेक्टेयर से घटकर 88 हजार हेक्टेयर, मूंग का बिजाई क्षेत्र 9 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 7 हजार हेक्टेयर तथा खेसारी का रकबा 1.75 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.58 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।

रबी सीजन की अन्य दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 1.62 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 1.43 लाख हेक्टेयर रह गया।

रबी कालीन उड़द की खेती मुख्यतः दक्षिण भारत में होती है जहां अभी उत्तर-पूर्व मानसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश हो रही है।

सरकार ने देसी चना एवं मसूर पर 10-10 प्रतिशत तथा पीली मटर पर 30 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा रखा है इससे भी शायद किसानों का उत्साह कुछ बढ़ा है।