चीन से भारत को सोयाबीन तेल के निर्यात में वृद्धि
25-Nov-2025 05:31 PM
शंघाई। चीन में ब्राजील सहित कुछ अन्य देशों से सोयाबीन का विशाल आयात होने तथा घरेलू उत्पादन भी बेहतर होने से इस महत्वपूर्ण तिलहन की क्रशिंग-प्रोसेसिंग की गति तेज हो गई और सोया तेल का उत्पादन तथा स्टॉक काफी बढ़ गया। इस अधिशेष स्टॉक को बेचने के लिए चीन ने बाजार की तलाश शुरू की और भारत पर आकर इसकी तलाश पूरी हो गई।
चीन में अब अमरीका से भी सोयाबीन का आयात आरंभ तो हो गया है जबकि लैटिन अमरीकी देशों से आयात पहले से ही विशाल मात्रा में हो रहा है।
दूसरी ओर वहां सोयाबीन तेल की घरेलू मांग कमजोर देखी जा रही है। इससे मिलर्स को निर्यात बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
कस्टम विभाग के आंकड़ों के अनुसार एशिया की सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था वाले देश- चीन से अक्टूबर 2025 के दौरान करीब 71 हजार टन सोयाबीन तेल का रिकॉर्ड निर्यात हुआ जिसके अधिशेष भाग का शिपमेंट भारत को किया गया।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष (2025) के शुरूआती 10 महीनों में यानी जनवरी-अक्टूबर के दौरान चीन से सोयाबीन तेल का कुल निर्यात बढ़कर 3.29 लाख टन पर पहुंच गया जो वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि के शिपमेंट से लगभग तीन गुना ज्यादा है।
चीन में पिछले अनेक वर्षों से सोयाबीन का जबरदस्त आयात हो रहा है। इसकी क्रशिंग-प्रोसेसिंग से सोया तेल एवं सोयामील का विशाल उत्पादन होता है जिसकी खपत घरेलू प्रभाग में होती है।
इसके अलावा वहां पाम तेल एवं कैनोला तेल सहित अन्य खाद्य तेलों का भी भारी आयात होता है। विशाल आयात के कारण वहां खाद्य तेलों की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम होने से इसे थोड़ी-बहुत मात्रा में इसके निर्यात का अवसर भी मिल जाता है। चीन की नजर अक्सर भारत पर केन्द्रित रहती है जहां खाद्य तेलों की अच्छी खपत होती है।
