चावल की वैश्विक खपत बढ़कर 54.24 करोड़ टन पर पहुंचने की संभावना
17-Nov-2025 08:56 PM
वाशिंगटन। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने अपनी नवम्बर की मासिक रिपोर्ट में चावल की वैश्विक खपत का अनुमान 2025-26 सीजन के लिए 2 लाख टन बढ़ाकर 54.24 करोड़ टन नियत किया है। इसके तहत खासकर नाइजीरिया एवं मिस्र जैसे देशों में चावल की खपत बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है।
उस्डा की रिपोर्ट में विश्व स्तर पर चावल की कुल उपलब्धता का अनुमान 4 लाख टन घटाकर 72.91 करोड़ टन निर्धारित किया गया है। इसका प्रमुख कारण थाईलैंड तथा सेनेगल में पिछला बकाया स्टॉक कम रहना और पाकिस्तान तथा सेनेगल में उत्पादन में गिरावट आयी है। दूसरी ओर फिलीपींस एवं मिस्र में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।
जहां तक भारत का सवाल है तो उस्डा ने यहां का उत्पादन अनुमान 15.10 करोड़ टन के पिछले स्तर पर बरकरार रखा है। इसी तरह 12.70 करोड़ टन की घरेलू खपत के अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उस्डा के मुताबिक स्थिति यदि सामान्य रही तो 2025-26 के मार्कटिंग सीजन में भारत से चावल का सकल निर्यात तेजी से उछलकर 2.50 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच सकता है और इसके बाद भी चावल का अंतिम बकाया अधिशेष स्टॉक 4.55 करोड़ टन पर मौजूद रह सकता है।
उस्डा की रिपोर्ट के मुताबिक नवम्बर 2025 के आरंभ में 18.82 करोड़ टन चावल का वैश्विक बकाया स्टॉक उपलब्ध था जो सितंबर के आरंभ में लगाए गए अनुमान 18.84 करोड़ टन चावल का वैश्विक बकाया स्टॉक उपलब्धत था जो सितम्बर के आरंभ में लगाए गए अनुमान 18.84 करोड़ टन से कुछ कम है।
उस्डा ने चावल के वैश्विक कारोबार का अनुमान 2025-26 सीजन के लिए 8 लाख टन बढ़ाकर 6.29 करोड़ टन निर्धारित किया है जिसमें अकेले भारत का योगदान 2.50 करोड़ टन के आसपास रहेगा। इसके अलावा थाईलैंड, वियतनाम, पाकिस्तान, अमरीका एवं म्यांमार जैसे देशों से भी अच्छी मात्रा में चावल का निर्यात होने की उम्मीद है।
