चावल का वैश्विक उत्पादन 54.30 करोड़ टन पर पहुंचने का अनुमान

24-Nov-2025 08:30 PM

लन्दन। प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देशों में धान की बेहतर पैदावार की संभावना को देखते हुए इंटरनेशनल ग्रेन्स कौंसिल (आईजीसी) ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में चावल का वैश्विक उत्पादन बढ़कर 54.30 करोड़ टन के शीर्ष स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है

जो 2024-25 सीजन के अनुमानित उत्पादन 54.10 करोड़ टन से 20 लाख टन ज्यादा है। इससे पूर्व 2023-24 के सीजन में 52.40 करोड़ टन तथा 2022-23 के सीजन में 51.70 करोड़ टन चावल का वैश्विक उत्पादन हुआ था। 

पांच प्रमुख निर्यातक देशों- भारत, थाईलैंड, वियतनाम, पाकिस्तान एवं अमरीका में चावल का बेहतर उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है लेकिन वियतनाम में आई भीषण बाढ़ के कारण धान की फसल को क्षति पहुंचने की सूचना मिल रही है।

इससे अन्य निर्यातक देशों के लिए चुनौती कम हो सकती है। वियतनामी चावल के सबसे प्रमुख खरीदार देश- फिलीपींस में 31 दिसम्बर तक चावल के आयात पर प्रतिबंध लगा हुआ है। 

आईजीसी की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के सीजन में करीब 5.90 करोड़ टन चावल का वैश्विक व्यापार हुआ जबकि 2025-26 के सीजन में यह 20 लाख टन बढ़कर 6.10 करोड़ टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है।

इससे पहले चावल का वैश्विक व्यापार 2023-24 के सीजन में 5.80 करोड़ टन एवं 2022-23 में 520 लाख टन आंका गया था। अफ्रीका और एशिया के कुछ देशों में चावल का आयात तथा भारत से इसका निर्यात बढ़ने की संभावना है। 

जहां तक चावल की वैश्विक खपत का सवाल है तो 2025-26 के सीजन में इसकी मात्रा बढ़कर 53.90 करोड़ टन पर पहुंचने की उम्मीद है जो 2024-25 की खपत 53.20 करोड़ टन से काफी अधिक है।

इसके फलस्वरूप चावल के वैश्विक उत्पादन एवं उपयोग के बीच लम्बा अंतर बन जाएगा और इसके बकाया अधिशेष स्टॉक में अच्छी बढ़ोत्तरी हो जाएगी। भारत में खरीफ कालीन धान के नए माल की जोरदार आवक हो रही है।