चावल निर्यातकों द्वारा सरकार से बजट में आवश्यक राहत देने का आग्रह
06-Jan-2026 08:43 PM
नई दिल्ली। बढ़ते लागत खर्च तथा वैश्विक बाजार में तीव्र प्रतिस्पर्धा को देखते हुए भारतीय चावल निर्यातक संघ (आईआरईएफ) ने केन्द्रीय वित्त मंत्री से 2026-27 के आम बजट में कुछ विशिष्ट राहत-रियायत एवं प्रोत्साहनों की घोषणा करने का आग्रह किया है।
इसमें शुल्क प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी तथा परिवहन सहायता आदि शामिल है। संघ ने कहा है कि वित्त मंत्री को निर्यात ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने का निर्णय लेना चाहिए।
निर्यातकों का कहना है कि भारत दुनिया में चावल का सबसे बड़ा निर्यातक देश है और शिपमेंट की निरंतरता को बरकरार रखने के लिए सरकार को आवश्यक सहयोग समर्थन एवं प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए / मात्रा की दृष्टि से चावल भारत का सबसे प्रमुख निर्यात उत्पाद है और इससे देश को अरबों डॉलर की आमदनी होती है।
अंतर्राष्ट्रीय निर्यात बाजार में चुनौती एवं प्रतिस्पर्धा दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इसका सफलतापूर्वक सामना करने और चावल के निरयत में भारत को नम्बर वन पोजीशन पर बरकरार रखने के लिए सरकार का नीतिगत सहयोग प्राप्त होना आवश्यक है।
चावल निर्यातकों को शिपमेंट से पूर्व एवं शिपमेंट के बाद भी ऊंची ब्याज दर बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से ऋण लेना पड़ता है जिससे उसके मार्जिन पर दबाव पड़ता है।
आईआरईएफ का कहना है कि यदि इस ऋण पर 4 प्रतिशत की दर से ब्याज सब्सिडी मिल जाए तो चावल निर्यातकों को काफी राहत मिलेगी।
इसी तरह सड़क एवं रेल मार्ग से चावल के परिवहन पर होने वाले खर्च में कटौती के लिए सरकार को कदम आगे बढ़ाना चाहिए। भारतीय चावल दुनिया के विभिन्न भागों में तेजी पहुंच रहा है।
