एथनॉल आपूर्ति की अवधि 10 नवम्बर तक बढ़ाई गई
27-Oct-2025 03:32 PM
नई दिल्ली। हालांकि 2024-25 का एथनॉल आपूर्ति सीजन 1 नवम्बर 2024 को आरंभ हुआ था और 31 अक्टूबर 2025 को समाप्त होने वाला था लेकिन उससे पूर्व ही भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम करोपोरेशन लिमिटेड तथा एमआरपीएल के लिए इसकी समय सीमा को दस दिन बढ़ाकर 10 नवम्बर 2025 नियत कर दिया गया है।
इस निर्णय से एथनॉल निर्माताओं को राहत मिलेगी क्योंकि उसे अपने बकाए स्टॉक की आपूर्ति के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा। आपूर्तिकर्ताओं से कहा गया है कि वे 10 नवम्बर तक तेल विपणन कंपनियों के निकटम केन्द्रों पर एथनॉल की आपूर्ति सुनिश्चित करें और 15 नवम्बर तक कंपनियों को इसका पूरा विवरण उपलब्ध करवाएं।
10 नवम्बर के बाद वे एथनॉल टीटी इन वॉयस को स्वीकार नहीं किया जाएगा एथनॉल आपूर्तिकर्ताओं को इस सम्बन्ध में आवश्यक तौर तरीकों के साथ पूरी सूचना दे दी गई है ताकि उन्हें सही समय पर इसे डिस्पैच करने का मौका मिल सके।
सूचना में कहा गया है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से प्राप्त चावल से निर्मित एथनॉल की आपूर्ति का निर्णय स्पष्ट किया जा रहा है। खाद्य निगम द्वारा 2024-25 के आपूर्ति सीजन हेतु अपने स्टॉक एवं चावल जारी करने के लिए डिस्टीलर्स से केवल 27 अक्टूबर 2025 तक ही भुगतान स्वीकार किया जाएगा
और इस चावल का उठाव हर हाल में 31 अक्टूबर तक होना आवश्यक है। 31 अक्टूबर 2025 ने आगे 2024-25 पीओके लिए खाद्य निगम द्वारा चावल का कोई रिलीज आर्डर जारी नहीं किया जाएगा।
विस्तारित अवधि के लिए एथनॉल की आपूर्ति खास-खास तेल विपणन कंपनियों के विभिन्न केन्द्रों की आवश्यकता के अनुरूप स्वीकार की जाएगी और इसके लिए आपूर्ति कर्ताओं को आवश्यक दस्तावेजों के साथ सभी नियमों एवं शर्तों का पालन करना होगा।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नवम्बर 2024 से सितम्बर 2025 के दौरान तेल विपणन कंपनियों को कुल 904.84 करोड़ लीटर एथनॉल की प्राप्ति हुई
जबकि सकल अनुबंध 1131.70 करोड़ लीटर की अनुमति का हुआ था। इसमें से 598.14 करोड़ लीटर का निर्माण अनाजों से तथा शेष 306.70 करोड़ लीटर का उत्पादन गन्ना अवयवों से किया गया था।
