एथनॉल के खरीद मूल्य एवं चीनी के एमएसपी में बढ़ोत्तरी की मांग पर सरकार कर रही है विचार

27-Sep-2024 11:31 AM

नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य उपभोक्ता मामले तथा सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि सरकार तेल विपणन कम्पनियों (ओएमसी) में बढ़ोत्तरी की मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है जबकि चीनी का निर्यात खोलने पर निर्णय अगले मार्केटिंग सीजन के लिए उत्पादन का आंकलन करने के बाद लिया जा सकता है।

गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का नया मार्केटिंग सीजन अक्टूबर 2024 से आरंभ होकर सितम्बर 2025 तक जारी रहेगा। 

आई ग्रेन इंडिया (डायरेक्टर राहुल चौहान) के साथ हुई बातचीत में खाद्य मंत्री ने कहा कि स्वदेशी उद्योग लम्बे समय से चीनी के एमएसपी में बढ़ोत्तरी करने की मांग कर रहा है और सरकार अब उस पर विचार कर रही है।

नीति आयोग से कहा गया है कि वह पेट्रोल में 25 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण कार्यक्रम (ईवीपी) के लिए रोड मैप तैयार करे। सरकार को पूरा भरोसा है कि 2025-26 तक पेट्रोल में एथनॉल के 20 प्रतिशत मिश्रण का जो लक्ष्य नियत किया गया है वह हासिल हो जाएगा। 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 से चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) का निर्धारण शुरू हुआ था और वर्ष 2019 में इसमें आखिरी बार 200 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई थी।

तब से अब तक गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में तो निरंतर इजाफा होता रहा मगर चीनी के एमएसपी में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई।

वर्ष 2018 में चीनी का एमएसपी 2900 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया था जिसे वर्ष 2019 में 200 रुपए बढ़ाकर 31 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। यह एमएसपी अब भी लागू है। 

खाद्य मंत्री ने कहा है कि 2024-25 सीजन के दौरान चीनी के उत्पादन की स्थिति अच्छी दिख रही है क्योंकि मानसून की भरपूर बारिश हुई है।

खाद्य सचिव द्वारा भी गन्ना एवं चीनी के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जताई गई है। खाद्य सचिव के अनुसार सरकारी हस्तक्षेप एवं नीतियों के कारण चीनी का भाव स्थिर बना हुआ है और उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है। 

खाद्य सचिव एवं विभिन्न राज्यों से गन्ना आयुक्तों के बीच पिछले दिन एक मीटिंग हुई जिसमें 2024-25 सीजन के दौरान चीनी के संभावित उत्पादन का आंकलन किया गया।

भारत अब दुनिया में एथनॉल का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं उपभोक्ता देश बन गया है।