एथनॉल के उत्पादन में मक्का का योगदान 50 प्रतिशत के करीब पहुंचा

20-Feb-2026 05:43 PM

नई दिल्ली। भारत में पहले गन्ना अवयवों से एथनॉल का उत्पादन होता था और फिर चावल तथा क्षतिग्रस्त अनाजों से इसका निर्माण होने लगा। लेकिन पिछले कुछ वर्षों के दौरान इसके निर्माण में मक्का का उपयोग इतनी तेजी से बढ़ा है कि वर्तमान समय में देश के अंदर एथनॉल का जितना उत्पादन होता है उसका लगभग 50 प्रतिशत भाग मक्का से निर्मित होता है।

2024-25 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान मक्का से निर्मित एथनॉल की भागीदारी 48 प्रतिशत दर्ज की गई। 2025-26 के वर्तमान सीजन में भी एथनॉल का सर्वाधिक उत्पादन मक्का से ही होने की उम्मीद है। तेल विपणन कंपनियों ने इसके लिए ज्यादा कोटा नियत किया है। 

भारत में एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम में मक्का का योगदान क्रमिक रूप से बढ़ते हुए अब अत्यन्त ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। एथनॉल, बायो एनर्जी एवं पोटेबल अल्कोहल निर्माताओं की अग्रणी संस्था- ऑल इंडिया डिस्टीलर्स एसोसिएशन के अनुसार कुछ एथनॉल उत्पादन में मक्का की हिस्सेदारी 2023-24 के सीजन में 42.6 प्रतिशत की जो 2024-25 के सीजन में बढ़कर 48 प्रतिशत पर पहुंच गई। 

पिछले कुछ वर्षों के अंदर एथनॉल के उत्पादन में मक्का ने परम्परागत फीड स्टॉक (कच्चा माल) गन्ना तथा क्षतिग्रस्त अनाज को काफी पीछे छोड़ दिया। मक्का से निर्मित एथनॉल के लिए आपूर्ति के कोटे में जबरदस्त बढ़ोत्तरी की गई है। मक्का का घरेलू उत्पादन बढ़ रहा है और डिस्टीलर्स अपेक्षित मात्रा में इसका स्टॉक भी प्राप्त हो रहा है।

सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के लिए मक्का से निर्मित एथनॉल का खरीद मूल्य बढ़ाकर 71.86 रुपए प्रति लीटर निर्धारित कर दिया है जो डिस्टीलर्स के लिए लाभप्रद है। गन्ना अवयवों एवं क्षतिग्रस्त अनाजों से एथनॉल का जितना उत्पादन होता है उतना ही उत्पादन अकेले मक्का से होने लगा है।