एथनॉल में डायवर्जन के बाद 300 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान

14-Oct-2025 10:43 AM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी का सकल घरेलू उत्पादन 340 लाख टन होने का अनुमान लगाया है

जो शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स  एसोसिएशन (इस्मा) द्वारा लगाए गए आरंभिक अनुमान 349 लाख टन से 9 लाख टन कम है खाद्य मंत्रालय का अनुमान प्रमुख उत्पादक राज्यों द्वारा दिए गए आंकड़े पर आधारित है। 

लेकिन इस बेहतर संभावित उत्पादन के बावजूद सरकार चीनी के निर्यात की अनुमति देने में काफी सतर्कता बरतना चाहती है क्योंकि एक तो चीनी का उत्पादन उम्मीद से कम होने की संभावना है

और दूसरे, एथनॉल निर्माण में गन्ना का उपयोग बढ़ने के आसार हैं। सरकार ने चीनी मिलों को एथनॉल उत्पादन में असीमित मात्रा में गन्ना के उपयोग की अनुमति प्रदान की है।

इसके अलावा इस बार चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग देर से शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं और साथ ही साथ अगले सीजन में उत्पादन के प्रति शंका भी बनी हुई है। 

वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अभी कोई जल्दबाजी नहीं है और अक्टूबर में ही दशहरा तथा दीपावली का पर्व होने के बावजूद चीनी का भाव एक निश्चित सीमा में स्थिर बना हुआ है लेकिन पिछले साल के अनुभव को देखते हुए सरकार इस बार सतर्क है।

2024-25 के मार्केटिंग सीजन में पहले चीनी के बेहतर उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा था और उद्योग के पास इसका विशाल बकाया स्टॉक भी मौजूद था।

इसे देखते हुए सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति प्रदान कर दी थी लेकिन चीनी का वास्तविक उत्पादन पूर्व अनुमान से काफी कम हुआ और उद्योग के पास स्टॉक भी घटकर काफी नीचे आ गया। 

सरकार का ध्यान अक्टूबर-दिसम्बर 2025 की तिमाही के दौरान चीनी के उत्पादन पर केन्द्रित है। महाराष्ट्र जैसे अग्रणी उत्पादक राज्यों में गन्ना की औसत उपज दर तथा गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में गिरावट आने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

इससे चीनी के उत्पादन में ज्यादा बढ़ोत्तरी होने में संदेह है उत्पादन की स्थिति स्पष्ट होने पर ही सरकार कोई निर्णय ले सकती है।