एथनॉल उद्योग की कमजोर मांग से मक्का का भाव लुढ़का
17-Nov-2025 09:38 PM
नई दिल्ली। मक्का उत्पादकों को खाद्य प्रदाता से ऊर्जा प्रदाता के तौर पर रूपांतरित करने के सरकारी दावे के विरपति भारतीय एथनॉल निर्माण उद्योग की बेरुखी से मक्का का घरेलू बाजार भाव घटकर इतना नीचे आ गया है कि कुछ क्षेत्रों में किसानों को लागत खर्च हासिल करने के लिए भाव भी कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग सभी प्रमुख मंडियों में मक्का का दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ गया है।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा मक्का का एमएसपी 2024-25 सीजन के 2225 रुपए प्रति क्विंटल से 175 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है
जबकि इसका औसत थोक मंडी भाव 1820 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है। इस तरह एमएसपी के मुकाबले मक्का के बाजार मूल्य में भारी गिरावट आ गई है जिससे किसान काफी हतोत्साहित हो रहे हैं।
एक किसान नेता के अनुसार अमरीका से सस्ते मक्के का आयात शुरू होने को देखते हुए एथनॉल निर्माताओं ने स्वदेशी मक्का की खरीद में दिलचस्पी काफी घटा दी है
जिससे किसानों को काफी नीचे दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है। सरकार को यथाशीघ्र स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए अन्यथा मक्का उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान होता रहेगा।
इस वर्ष खरीफ सीजन में मक्का के बिजाई क्षेत्र में करीब 10.60 लाख हेक्टेयर की भारी बढ़ोत्तरी हुई और अधिशेष वर्षा एवं बाढ़ से फसल को हुए थोड़े-बहुत नुकसान के बावजूद इसके घरेलू उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
किसान नेता के मुताबिक कहीं-कहीं मक्का का दाम घटकर 900-1000 रुपए प्रति क्विंटल के निम्न स्तर पर आ गया है जो किसानों को इसकी खेती से दूर भगाने का आधार साबित हो सकता है।
मक्का का भाव घटकर मध्य प्रदेश के नसरुल्लाहगंज में 1121 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान के नहारगढ़ में 1100 रुपए प्रति क्विंटल पर आने की सूचना मिल रही है।
इसी तरह कर्नाटक और मध्य प्रदेश के बाद तीसरे सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य बिहार की कुछ मंडियों में भाव 900-1000 रुपए प्रति क्विंटल रह जाने की जानकारी मिल रही है।
