गेहूं - अब आगे क्या?
28-May-2025 10:21 AM
गेहूं - अब आगे क्या?
★ उत्पादन और खरीद:इस वर्ष देश में गेहूं का बम्पर उत्पादन हुआ है, जो 1170 लाख टन तक पहुंचने की संभावना है।सरकारी एजेंसियों ने अब तक 297 लाख टन से अधिक की खरीद की है, जिसे "संतोषजनक" माना जा रहा है।
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स्टॉक की स्थिति:
★ गेहूं का कुछ हिस्सा बड़े किसानों के पास है, जबकि मिलर्स, ट्रेडर्स और स्टॉकिस्टों ने भी भारी मात्रा में खरीद की है।
★ पिछले OMSS (Open Market Sale Scheme) में सख्त नियमों के कारण कई मिलें गेहूं नहीं खरीद पाईं थीं, लेकिन इस बार मंडियों में अच्छी आवक को देखते हुए मिलर्स ने बड़े स्तर पर स्टॉक जमा किया।
★ सरकार के ऑनलाइन स्टॉक पोर्टल पर हर सप्ताह दी जा रही जानकारी में भारी वृद्धि देखी गई है।
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★ कीमतों में तेजी: आवक के दौरान कीमतों में लगातार वृद्धि देखी गई।
दिल्ली: 7 अप्रैल को रुपए 2610 से बढ़कर 27 मई तक रुपए 2760
शाहजहांपुर: रुपए 2471 से रुपए 2571
★ बुलंदशहर: रुपए 2370 से रुपए 2550इन 50 दिनों में दिल्ली में रुपए 150, शाहजहांपुर में रुपए 100 और बुलंदशहर में रुपए 180 प्रति क्विंटल की तेजी आई।
★ मध्य प्रदेश में ऊंचे भावों के चलते उत्तरप्रदेश के गेहूं की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
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केंद्रीय पूल में बढ़ता स्टॉक:
★ 1 मई को केंद्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक 260 लाख टन था, जो 22 मई तक बढ़कर 369 लाख टन हो गया।
★ पिछले साल की तुलना में 22 मई तक 109 लाख टन अधिक स्टॉक हुआ।
★ स्टॉक में यह वृद्धि सरकारी खरीद और मजबूत मांग का संकेत देती है।
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अब आगे क्या?
सरकारी हस्तक्षेप संभव:
★ आई-ग्रेन का मानना है कि सरकार कीमतों को नियंत्रित करने और उपलब्धता बनाए रखने के लिए जल्द कदम उठा सकती है।
★ स्टॉक डाटा देखने के बाद, स्टॉक लिमिट लगाई जा सकती है ताकि प्राइवेट स्टॉक बाजार में आए।
★ पहले स्टॉक लिमिट लगाई जाएगी, फिर जरूरत पड़ने पर OMSS के ज़रिए खुले बाजार में बिक्री की जाएगी।
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बाजार का अनुमान
★ हमारा का मानना है कि बाजार में थोड़ा करेक्शन (कीमतों में हल्की गिरावट) आ सकता है।
★ इसके बाद बाजार स्थिर हो सकता है, लेकिन आगे की कीमतें सरकारी फैसलों पर निर्भर करेंगी।
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निष्कर्ष:
★ बंपर फसल और पर्याप्त सरकारी खरीद के बावजूद, बाजार में मांग मजबूत है, जिसके चलते कीमतों में तेजी देखी गई।
★ सरकारी हस्तक्षेप की संभावना के कारण, अगले कुछ सप्ताह गेहूं बाजार के लिए अहम हो सकते हैं।
