गेहूं एवं मक्का के वैश्विक उत्पादन में गिरावट आने का अनुमान

25-Mar-2026 05:51 PM

शिकागो। कुछ प्रमुख उत्पादक देशों में कमजोर पैदावार की संभावना को देखते हुए इंटरनेशनल ग्रेन्स कौंसिल (आईजीसी) ने गेहूं तथा मक्का के अगले वैश्विक उत्पादन में गिरावट आने का अनुमान लगाया है।

कौंसिल की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 सीजन की तुलना में 2026-27 सीजन के दौरान गेहूं का  वैश्विक उत्पादन 84.50 करोड़ टन से घटकर 82.20 करोड़ टन तथा मक्का का उत्पादन 1.32 अरब टन से गिरकर 1.30 अरब टन रह जाने का अनुमान है। 

दूसरी ओर कौंसिल ने गेहूं की वैश्विक खपत 2025-26 सीजन के 82.50 करोड़ टन से बढ़कर 2026-27 के सीजन में 82.90 करोड़ टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। चूंकि उत्पादन की तुलना में गेहूं का वैश्विक उपयोग ज्यादा होगा इसलिए इसके बकाया स्टॉक में कमी आ जाएगी

और यह करीब 40 लाख टन घटकर 27.60 करोड़ टन पर आ सकता है। गेहूं के प्रमुख उत्पादकों में चीन, भारत, यूरोपीय संघ, रूस, अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन एवं अर्जेन्टीना आदि शामिल है। चीन और भारत को छोड़कर उपरोक्त सभी देश गेहूं के नियमित निर्यातक हैं। भारत में गेहूं की कटाई शुरू हो गई है। 

जहां तक मक्का का सवाल है तो इसका वेह्विक कारोबार 2025-26 सीजन के 19.50 करोड़ टन से 30 लाख टन बढ़कर 2026-27 के सीजन में 19.80 करोड़ टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

अमरीका, चीन और ब्राजील इसके तीन शीर्ष उत्पादक देश है जबकि इसके निर्यात में अमरीका पहले और ब्राजील दूसरे नंबर पर रहता है। मक्का के अन्य उत्पादक देशों में अर्जेन्टीना, भारत, यूक्रेन एवं रूस आदि शामिल हैं। कई अन्य देशों में भी इस मोटे अनाज का उत्पादन होता है।