गेहूं का बिजाई क्षेत्र बढ़कर 320 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा

14-Jan-2025 07:11 PM

नई दिल्ली । रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न गेहूं का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर इस बार 320 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 315.63 लाख हेक्टेयर से 4.37 लाख हेक्टेयर तथा सामान्य औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर से 7.65 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

ऊंचे बाजार भाव तथा सीमित स्टॉक के कारण गेहूं के रकबे में इस बार अच्छी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया जा रहा था। गेहूं की बिजाई का अभियान लगभग समाप्त हो चुका है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन के दौरान 1150 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जबकि इसकी सरकारी खरीद का लक्ष्य 300 लाख टन पर ही स्थिर रखा गया है।

गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 150 रुपए बढ़ाकर 2425 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया है जबकि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान जैसे राज्यों में किसानों को इससे ऊपर 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी मिलने वाला है। 

देश के अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं की फसल के लिए मौसम की हालत फिलहाल काफी हद तक अनुकूल है और यदि अगले दो-तीन महीनों तक स्थिति अच्छी रही तो उत्पादन में बढ़ोत्तरी हो सकती है।

कुछ राज्यों में मार्च से ही गेहूं की नई फसल की छिटपुट कटाई-तैयारी शुरू होने की संभावना है जिससे सरकारी एजेंसियों की सक्रियता बढ़ जाएगी।

लेकिन मौसम विभाग ने जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही में वर्षा कम होने तथा तापमान ऊंचा रहने का अनुमान व्यक्त किया है जिससे फसल के प्रति चिंता बढ़ सकती है। सरकार के पास सीमित स्टॉक है इसलिए वह अधिक से अधिक मात्रा में गेहूं की खरीद का प्रयास कर सकती है।