गेहूं का बिजाई क्षेत्र नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना
19-Nov-2025 10:50 AM
नई दिल्ली। मौसम की अनुकूल स्थिति एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य में हुई अच्छी बढ़ोत्तरी से उत्साहित भारतीय किसान इस बार गेहूं की बिजाई में भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की बोआई में नियमित रूप से इजाफा हो रहा है और ऐसा प्रतीत होता है कि इसका कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा।
उद्योग- व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन के दौरान गेहूं के सकल उत्पादन क्षेत्र में 5 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है।
अक्टूबर की बेमौसमी वर्षा से खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद है और सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी 2024-25 सीजन के 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2025-26 के सीजन हेतु गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य बढ़ाकर 1190 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर नियत किया है जो 2024-25 सीजन के अनुमानित उत्पादन 1175 लाख टन से भी 15 लाख टन ज्यादा है।
बिजाई क्षेत्र में वृद्धि होने तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से गेहूं के घरेलू उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद की जा रही है। इससे कीमतों पर दबाव पड़ सकता है, सरकारी खरीद में इजाफा हो सकता है और गेहूं के निर्यात की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।
एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार मौसम की अनुकूल स्थिति को देखते हुए चालू रबी सीजन के दौरान गेहूं का बिजाई क्षेत्र एवं उत्पादन पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
देश के उत्तरी राज्यों में अक्टूबर माह के दौरान सामान्य औसत के सापेक्ष 161 प्रतिशत बारिश हुई जबकि राष्ट्रीय स्तर पर भी 49 प्रतिशत अधिशेष बारिश दर्ज की गई।
उत्तरी भारत के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे प्रांतों में 90 प्रतिशत से अधिक गेहूं का उत्पादन होता है। 14 नवम्बर 2025 तक गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 17 प्रतिशत बढ़कर 66.23 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
