गेहूं की सरकारी खरीद की रफ्तार शीघ्र ही बढ़ने की संभावना

02-Apr-2026 01:24 PM

नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की नई फसल की जोरदार कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आपूर्ति जल्दी ही जोर पकड़ने की संभावना है। इसकी सरकारी खरीद का नया मार्केटिंग सीजन 1 अप्रैल से औपचारिक तौर पर आरंभ हो गया।

वैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सरकारी खरीद मार्च में ही आरंभ हो गई थी लेकिन खरीद की गति धीमी रही।

केवल राजस्थान में लगभग 18 हजार टन गेहूं खरीदा जा सका जहां इस बार इस पर न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है। यूपी में 65 टन गेहूं खरीदा गया। 

केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हुई लेकिन वहां मध्य अप्रैल में बैसाखी त्यौहार मनाने के बाद ही किसान सरकारी क्रय केन्द्रों पर अपने गेहूं का विशाल स्टॉक उतारना शुरू करते हैं।

मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं बिहार में गेहूं की आवक एवं खरीद उससे पहले ही जोर पकड़ लेती है। केन्द्र सरकार ने इस बार 303.36 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। गेहूं का मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है।