महंगाई बढ़ने की आशंका से दलहनों पर आयात शुल्क में बदलाव नहीं
02-Apr-2026 04:05 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने तुवर, उड़द एवं पीली मटर के लिए आयात शुल्क की दर में कोई परिवर्तन नहीं करते हुए इसकी समय सीमा को अगले एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। इसका मतलब यह हुआ कि 31 मार्च 2027 तथा तुवर एवं उड़द का आयात सीमा शुल्क से पूरी तरह मुक्त रहेगा और पीली मटर पर 30 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा रहेगा। उद्योग-व्यापार क्षेत्र का मानना है कि इससे दाल मिलर्स कारोबारियों एवं आयातकों को अपनी रणनीति बनाने में आसानी होगी।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार खरीफ सीजन में तुवर एवं उड़द का उत्पादन कम हुआ और अगले खरीफ सीजन के उत्पादन पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। जुलाई-सितम्बर के बीच अल नीनो मौसम चक्र की सक्रियता बढ़ने की आशंका है जिससे अन्य जिंसों के साथ दलहन फसलों की पैदावार भी प्रभावित हो सकती है।
सरकार घरेलू प्रभाग में दलहनों की पर्याप्त आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए इसकी कीमतों को नियंत्रित रखना चाहती है। 2024-25 के वित्त वर्ष में देश के अंदर दलहनों का सकल आयात तेजी से उछलकर 73 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था लेकिन इसकी पूरी खपत नहीं होने से 2025-26 में अच्छा खासा पिछला बकाया स्टॉक मौजूद रहा।
इसके फलस्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) में दलहनों का कुल आयात घटकर 53.20 लाख टन के आसपास सिमट जाने का अनुमान है। अब बकाया स्टॉक काफी हद तक निपट चुका है और तुवर उड़द का उत्पादन भी कम होने की संभावना है इसलिए कीमतों में तेजी-मजबूती का रुख बन सकता था। सरकार ने सीमा शुल्क को स्थिर रखकर दलहन बाजार पर पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक असर को घटाने का प्रयास किया है।
