गेहूं की वैश्विक उपलब्धता 1.09 अरब टन पर पहुंचने का उस्डा का अनुमान
17-Nov-2025 06:12 PM
शिकागो। प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देशों में उत्पादन बढ़ने की संभावना तथा ऊंचे बकाया स्टॉक को देखते हुए अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने अपनी नवीनतम मासिक (नवम्बर) रिपोर्ट में 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में गेहूं की कुल वैश्विक उपलब्धता का अनुमान बढ़ाकर 1.09 अरब टन निर्धारित किया है।
दूसरी ओर चावल की आपूर्ति का अनुमान कुछ घटा दिया है। इसका प्रमुख कारण बकाया स्टॉक कम रहना तथा पाकिस्तान एवं सेनेवाल में उत्पादन घटना बताया गया है।
उस्डा की रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 अक्टूबर से 12 नवम्बर तक सरकारी सहायता बंद होने के कारण नवम्बर की रिपोर्ट में कुछ ऐसे आंकड़े शामिल नहीं किए जा सके जो आमतौर पर इसके अंश होते हैं।
जहां तक अमरीका की बैलेंश शीट (मांग एवं आपूर्ति) का सवाल है तो इसमें केवल उपलब्ध सरकारी आंकड़ों का ही इस्तेमाल किया गया है कुछ मामलों में सीमित सूचना ही मिल सकी।
उस्डा की मासिक रिपोर्ट में गेहूं की कुल आपूर्ति का अनुमान 117 लाख टन बढ़ाकर 1.09 लाख टन नियत किया गया है।
इसके तहत प्रमुख निर्यातक देशों- कजाकिस्तान, अर्जेन्टीना एवं यूरोपीय संघ, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, रूस तथा कनाडा में उपलब्धता बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है।
सबसे बड़ा बदलाव कजाकिस्तान के लिए हुआ है जहां गेहूं का उत्पादन 29 लाख टन बढ़कर 119 लाख टन के करीब पहुंच जाने का अनुमान लगाया गया है।
उत्पादन के भांति उस्डा ने 2025-26 के लिए गेहूं के वैश्विक उपयोग का अनुमान भी 43 लाख टन बढ़ाकर 81.89 करोड़ टन निर्धारित किया है।
इसके तहत खासकर रूस, कजाकिस्तान एवं यूरोपीय संघ में फीड निर्माण तथा अवशेष उपयोग में गेहूं का अधिक इस्तेमाल होने की संभावना व्यक्त की गई है।
गेहूं का वैश्विक व्यापार भी 25 लाख टन बढ़कर 21.72 करोड़ टन पर पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। ऑस्ट्रेलिया, अर्जेन्टीना एवं कजाकिस्तान से इसके निर्यात में बढ़ोत्तरी होगी जबकि रूस से शिपमेंट कुछ घट सकता है।
2025-26 के मार्केटिंग सीजन की समाप्ति पर गेहूं का वैश्विक बकाया स्टॉक 74 लाख टन की वृद्धि के साथ 27.14 करोड़ टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
