गुजरात के सौराष्ट्र संभागों में मूंगफली का उत्पादन 36 लाख टन होने का अनुमान

13-Oct-2025 11:00 AM

राजकोट। हालांकि पिछले साल के मुकाबले चालू वर्ष के दौरान गुजरात में मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 19.09 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 22.02 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया मगर प्रतिकूल मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए नुकसान को देखते हुए एक अग्रणी उद्योग संगठन- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) ने इसकी औसत उपज दर 2210 किलो प्रति हेक्टेयर से घटाकर 2092 किलो प्रति हेक्टेयर रह जाने की संभावना व्यक्त की है।

इसके आधार पर एसोसिएशन ने 2025-26 के खरीफ सीजन में सम्पूर्ण गुजरात में कुछ 46.07 लाख टन मूंगफली के उत्पादन का अनुमान लगाया है जो 2024-25 सीजन के उत्पादन के लगभग बराबर ही है। 

एसोसोसिएशन के अनुसार इस बार गुजरात के सौराष्ट्र संभाग में 36.01 लाख टन तथा अन्य क्षेत्रों में 10.06 लाख टन मूंगफली का उत्पादन हो सकता है।

दिलचस्प तथ्य यह है कि राज्य कृषि विभाग ने गुजरात में मूंगफली का उत्पादन हो सकता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि राज्य कृषि विभाग ने गुजरात में मूंगफली का उत्पादन उछलकर 60 लाख टन से ऊपर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है जो एसोसिएशन के अनुमान से काफी अधिक है। 

एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में मूंगफली का सर्वाधिक 7.43 लाख टन उत्पादन राजकोट जिले में होने की संभावना है जबकि जामनगर में 6.33 लाख टन, जूनागढ़ में 5.07 लाख टन तथा द्वारका में 5.15 लाख टन के उत्पादन की उम्मीद है।

राज्य के अन्य जिलों में से प्रत्येक में उत्पादन 4 लाख टन से कम होने का अनुमान है। सबसे कम 68 हजार टन मूंगफली का उत्पादन सुरेन्द्र नगर जिले में हो सकता है। अमरेली, कच्छ एवं बनासकंठा जिलों में 3-3 लाख टन से अधिक मूंगफली के उत्पादन की उम्मीद है जबकि पोरबंदर जिले में 2.13 लाख टन के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। 

गुजरात की प्रमुख मंडियों और खासकर राजकोट में मूंगफली के नए माल की आवक तेजी से बढ़ने जा रही है जिसे कीमतों पर दबाव पड़ रहा है।

किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है और उसे सरकारी खरीद आरंभ होने का इंतजार है। पिछले साल गुजरात के मूंगफली की रिकॉर्ड सरकारी खरीद हुई थी।