गुजरात में रबी फसलों का रकबा अब भी गत वर्ष से पीछे
29-Dec-2025 08:22 PM
अहमदाबाद। देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में रबी कालीन फसलों की बिजाई अंतिम चरण में पहुंच गई है मगर इसका रकबा गत वर्ष से कुछ पीछे चल रहा है। हालांकि गेहूं, ज्वार, मक्का, चना एवं सरसों कि बिजाई में सुधार आया है लेकिन गन्ना, जीरा, धनिया, ईसबगोल तथा सौंफ का रकबा घट गया है।
राज्य कृषि विभाग की नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में इस वर्ष 29 दिसम्बर तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 45.76 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका को पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 46.13 लाख हेक्टेयर से करीब 37 हजार हेक्टेयर कम है। कई क्षेत्रों में छिटपुट बिजाई अभी जारी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान गुजरात में गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 13.01 लाख हेक्टेयर से उछलकर 15.57 लाख हेक्टेयर,
ज्वार का बिजाई क्षेत्र 12 ज्वार हेक्टेयर से सुधरकर 13 हजार हेक्टेयर, मक्का का रकबा 1.29 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 1.31 लाख हेक्टेयर तथा अनाजी फसलों का कुल क्षेत्रफल 14.58 लाख हेक्टेयर से उछलकर 15.18 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
इसी तरह दलहनों का उत्पादन क्षेत्र 8.86 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.10 लाख हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का रकबा 2.57 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.64 लाख हेक्टेयर पर पहुचा।
दलहन फसलों में चना का बिजाई क्षेत्र 8.17 लाख हेक्टेयर से उछलकर 8.62 लाख हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों में सरसों का क्षेत्रफल 2.55 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.64 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
दूसरी ओर समीक्षाधीन अवधि के दौरान गन्ना का रकबा 1.68 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.48 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। इसी तरह प्रमुख मसाला फसलों की बिजाई में भी गिरावट दर्ज की गई जिसमें जीरा मुख्य रूप से शामिल है।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक जीरा का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 4.65 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर इस बार 3.99 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया।
इसी तरह धनिया का बिजाई क्षेत्र 1.25 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.18 लाख हेक्टेयर, ईसबगोल का रकबा 25 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 23 हजार हेक्टेयर तथा सौंफ का क्षेत्रफल 54 हजार हेक्टेयर से गिरकर 49 हजार हेक्टेयर रह गया।
ऐसा प्रतीत होता है कि घरेलू बाजार भाव ज्यादा आकर्षक एवं लाभप्रद नहीं होने के कारण जीरा एवं धनिया सहित अन्य मसालों की खेती के प्रति गुजरात के किसानों की दिलचस्पी कम हो गई है।
