गन्ना की पैदावार में भारी वृद्धि की संभावना से चीनी का उत्पादन बढ़ने के आसार
26-Nov-2025 08:58 PM
नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में गन्ना के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई लेकिन उत्तर प्रदेश में रकबा कुछ घट गया। इसके अलावा गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र-तेलंगाना, बिहार, पंजाब, हरियाणा,
मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी गन्ना के क्षेत्रफल में घट-बढ़ रही। हालांकि शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना का रकबा पिछले साल के आसपास ही रहने का अनुमान लगाया है लेकिन केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि क्षेत्रफल में अच्छी वृद्धि हुई है।
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून की जोरदार बारिश होने से आमतौर पर गन्ना की फसल को फायदा हुआ जिससे इसकी औसत उपज दर में इजाफा होने की उम्मीद है लेकिन कहीं-कहीं प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से फसल क्षतिग्रस्त भी हो गई।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने अपने प्रथम अग्रिम अनुमान में 2025-26 सीजन के दौरान गन्ना का सकल उत्पादन उछलकर 4756.14 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की है जो 2024-25 सीजन की कमजोर पैदावार 4546.11 लाख टन से 210.03 लाख टन ज्यादा है।
इससे चीनी मिलों के क्रशिंग-प्रोसेसिंग के लिए अधिक मात्रा में कच्चा माल प्राप्त होगा और चीनी के उत्पादन में वृद्धि होगी।
इस बार गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में भी कुछ सुधार देखा जा रहा है। क्रशिंग की प्रक्रिया फिलहाल आरंभिक चरण में है। अगले महीने से तस्वीर स्पष्ट होने लगेगी।
गन्ना का घरेलू उत्पादन 2022-23 के सीजन में 4905.33 लाख टन के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा था मगर 2023-24 के सीजन में लुढ़ककर 4531.58 लाख टन पर अटक गया था। 2024-25 में भी उत्पादन इसके आसपास ही रहा।
यदि सरकारी अनुमान के अनुरूप गन्ना का घरेलू उत्पादन इस बार 4750 लाख टन से ऊपर पहुंचता है तो यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादन हो सकता है। कृषि मंत्रालय ने अभी पहला अनुमान ही जारी किया है।
