गैर प्रतिस्पर्धी मूल्य के कारण सोयामील का निर्यात प्रभावित

26-Jun-2026 12:33 PM

इंदौर। सोयाबीन के थोक बाजार भाव तथा प्लांट डिलीवरी मूल्य में भारी तेजी आने से सोयामील के लागत खर्च में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हो गई है जिससे इसका निर्यात ऑफर मूल्य काफी ऊंचा एवं गैर प्रतिस्पर्धी हो गया है। 

दूसरी ओर अर्जेन्टीना, ब्राजील एवं अमरीका जैसे शीर्ष आपूर्तिकर्ता देशों में सोयामील का निर्यात ऑफर मूल्य अपेक्षाकृत नीचे स्तर पर चल रहा है जिससे इसकी खरीद में दक्षिण-पूर्व एशिया के देश ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में ही भारतीय सोयामील का सर्वाधिक निर्यात होता रहा है और वह परम्परागत रूप से इसका प्रमुख बाजार बना हुआ है। वहां ऊंचे दाम के कारण अब भारतीय सोयामील की मांग काफी कमजोर पड़ गई है।

भारतीय मिलर्स अफ्रीका से सस्ते सोयाबीन का भारी आयात कर रहे हैं ताकि सोयामील के दाम को प्रतिस्पर्धी स्तर पर लाया जा सके। 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में देश के अंदर सोयाबीन का आयात बढ़कर 9 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है।