घरेलू मांग एवं खपत बढ़ने से सूखे मेवों के आयात में बढ़ोत्तरी

26-Nov-2025 12:22 PM

मुम्बई। भारत में यूं तो सभी किस्मों के सूखे मेवों की मांग एवं खपत तेजी से बढ़ रही है मगर इसमें भी पेड़ों से प्राप्त मेवों (ट्रीनट्स) का उपयोग ज्यादा हो रहा है जिसमें बादाम, अखरोट एवं पिस्ता आदि शामिल है।

अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2024-25 के दौरान 1.78 लाख टन बादाम का आयात किया गया था जो 2025-26 के मौजूदा वर्ष में बढ़कर 1.80 लाख टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार सितम्बर 2025 से आरंभ होकर अगस्त 2026 तक बरकरार रहने वाले वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान भारत में बादाम, अखरोट एवं पिस्ता सहित ट्री नट्स का सकल आयात 2024-25 सीजन की तुलना में करीब 7 प्रतिशत बढ़ाने की उम्मीद है।

जनसंख्या वृद्धि तथा लोगों की बढ़ती आमदनी के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जगरूकता जैसे कारणों से सूखे मेवों के आयात में इजाफा हो रहा है। ट्री नट्स काफी पौष्टिक होते हैं। 2025-26 में भारत में बादाम की कुल खपत 1.84 लाख टन होने का अनुमान है। 

बादाम का वैश्विक उत्पादन पिछले साल के 16.30 लाख टन से 9 प्रतिशत या 1.47 लाख टन बढ़कर चालू वर्ष में 17.77 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। अमरीका इसका सबसे प्रमुख उत्पादक देश है जहां इसका उत्पादन गत वर्ष के 12.38 लाख टन से करीब 10 प्रतिशत बढ़कर इस बार 13.60 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है। 

उस्डा की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में शेल्ड आधार पर यानी छिलका सहित अखरोट का कुल आयात पिछले साल के 62,600 टन से लगभग 20 प्रतिशत उछलकर इस बार 75,000 टन पर पहुंच जाने का अनुमान है।

घरेलू उत्पादन में गिरावट आने तथा मांग एवं खपत में वृद्धि होने से इसका आयात बढ़ेगा। भारत में अखरोट का उत्पादन गत वर्ष के 34 हजार टन से गिरकर इस बार 33,500 टन पर सिमटने का अनुमान लगाया जा रहा है।

दूसरी ओर इसकी घरेलू खपत 99,500 टन से 3.5 प्रतिशत बढ़कर 1.03 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।

जहां तक पिस्ता का सवाल है तो उस्डा ने भारत में इसकी खपत गत वर्ष के 45,000 टन से 12 प्रतिशत बढ़कर 2025-26 में 50,500 टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है।

भारत में पिस्ता का नगण्य उत्पादन होता है इसलिए घरेलू जरूरत का लगभग सारा माल अमरीका एवं ईरान सहित कुछ अन्य देशों से मंगाया जाता है।