IVPA GLOBAL ROUNDTABLE @ 4.0
24-Jul-2025 01:36 PM
IVPA GLOBAL ROUNDTABLE @ 4.0
★ IVPA द्वारा आयोजित GLOBAL ROUNDTALBE @ 4.0 जो JW MARRIOTT, AEROCITY, DELHI में 24-25 तक चलेगी में कही गयी बातें।
★ Mr. Sudhakar Desai, President IVPA & CEO, Emami Agrotech Ltd) द्वारा प्रोग्राम का संचालन शुरू किया गया।
★ कहा गया कि भारत में 65% खाद्य तेलों का आयात होता है, जिसे कई देश जैसे कि इंडोनेशिया, मलेशिया, ब्राजील, अर्जेंटीना, अमरीका से आयात किया जाता है।
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★ Mr. Kevin Roepke, Regional Director for US Soyabean Export Council ने कहा कि कोविड के बाद भारत सोयाबीन व सोया तेल का बड़ा आयातक देश बना। अगले 10 वर्षों में आयात और बढ़ने की उम्मीद।
★ भारतीय तिलहन खासकर सोया की उत्पदकता विश्व में सबसे कम।
★ सोया की MSP में लगातार वृद्धि हो रही है जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार टूट रहे हैं। जिससे मार्किट का बैलेंस खराब होता है।
★ 1995 में चीन सोया का सबसे बड़ा निर्यातक देश था जो अब आयातक देश बना। चीन में 1995 के बाद सोया उत्पादन दोगुना हुआ व खपत भी बढ़ती रही।
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Shri Sanjeev Chopra, Secretary, Department of Food and Public Distribution, Ministry of Consumer Affairs, Food & Public Distribution, Govt. of India
★ नैफेड व अन्य एजेंसी के पास तिलहन का अच्छा स्टॉक उपलब्ध। ख़रीदे गये सोया व सरसों की बिक्री जारी।
★ जल्द ही सरकार वेज ऑइल रेगुलेटरी जारी करेगी जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। दाम में हो रही हलचल भी देखी जाएगी।
★ भारत में खाद्य तेलों का आयात 60% रहता है।
★ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कई तरह के चेलेंज आ रहे हैं।
★ अगले 20 साल में भारत की तिलहन व तेल के मामले में आत्मनिर्भर बनने की योजना है।
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Mr. G Chandrasekhar, Senior Editor and Policy Commentator in Agribusiness and Commodity Markets
Out-of-the-Box Thinking: Future proofing India’s Vegetable Oil Economy
★ भारत में खाद्य तेलों की उत्पादकता सबसे कम।
★ सरकार को ट्रेड पर लगी बंदिशों को हटा देना चाहिए ताकि व्यापार अपने आप खपत, उपलब्धता व मांग पर चले।
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Shri Pralhad Joshi, Hon'ble Minister of Consumer Affairs, Food and Public Distribution, Govt. of India
Indian Agriculture and Oilseed economy with reference to Macro Economic View
★ वीडयो के माध्यम से प्रहलाद जोशी ने IVPA को 50वीं वर्षगांठ की मुबारकबाद देते हुए कहा कि खाद्य तेल भारत में अहम भूमिका निभाते हैं।
★ देश में तिलहन उत्पादन कुल खपत का 20% होता है।
★ भारत विश्व में सबसे बड़े तेल खपतकर्ता व आयातक देशों में से एक।
★ पिछले 10 वर्षों में तिलहन उत्पादन 275 लाख टन से 44% उछलकर 397 लाख टन पहुंचा। उत्पादकता 22% बढ़कर 1340 किलो प्रति हेक्टेयर पहुंची। ऑइलमील निर्यात 2023-24 में 5.44 लाख टन रहा।
★ भारत 56% खाद्य तेलों का आयात करता है।
★ आयात शुल्क में कटौती का मकसद घरेलू तेल उद्योग को सुचारू रूप से चलाने में मदद करना है।
★ नेशनल ऑइल मिशन के तहत देश में तिलहन उत्पादन बढ़ा। सरकार ने 11040 करोड़ रुपए इस बजट में लगाए।
★ उत्पादकता बढ़ाने के लिए नई बीज वेरायटी लांच की गयी। देश में 65 नए सीड हब, 50 सीड स्टोरेज खोले गये साथ ही 600 वैल्यू चैन भी चालू हैं।
★ तिलहन की MSP में पिछले 10 वर्षों में अच्छी बढ़ोतरी की गयी। PSF के तहत किसानों से तिलहन की खरीद बढ़ रही हैं।
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Mr. Atul Chaturvedi, Chairman, Asian Palm Oil Alliance (APOA) & Executive Chairman, Shree Renuka Sugar
India’s Path to Self-Sufficiency in Edible Oils – Vision, Challenges, and Solutions
★ विश्व में तिलहन व खाद्य तेल की अच्छी उपलब्धता। इंडोनेशिया व मलेशिया में पाम तेल की उपलब्धता अच्छी।
★ कुछ साल पहले इंडोनेशिया ने पाम तेल निर्यात को प्रतिबंधित किया जिससे कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।
★ इसका मतलब है कि भारत पूरी तरह अंतर्राष्ट्रीय बाजार पर निर्भर।
★ अभी भारत तेलों का प्रमुख आयातक देश।
★ मंडियों में तिलहनों की कीमतें लगातार घट रही हैं।
★ मलेशिया द्वारा प्रस्तावित 50% ब्लेंडिंग प्रोग्राम के तहत घरेलू खपत बढ़ेगी व निर्यात के लिए उपलब्धता घटेगी भारत को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा।
★ भारत को खाद्य तेलों पर आयात शुल्क को बढ़ाना होगा ताकि बढ़े भावों पर खपत घटे।
★ जो भी आमदनी आयात शुल्क से होती है उसका इस्तमाल उत्पादकता बढ़ाने के लिए होना चाहिए।
★ अतुल चतुर्वेदी ने चिंता जताते हुए कहा कि मक्का से बने DDGS के कारण ऑइलमील की खपत घटी जिसका असर घरेलू कीमतों पर पड़ा।
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Dr. Bhavna Shah, Deputy CEO, N.K Proteins Private Ltd
Free Trade Agreements and Their Ripple Effect on India’s Vegetable Oils and Oilseeds Sector
★ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत होने वाले खाद्य तेलों के आयात की समीक्षा समय-समय पर करनी चाहिए।
★ भारत को तेलों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए आयात शुल्क में बदलाव करने बेहद जरुरी।
★ अभी भी भारत खाद्य तेलों का सबसे बड़ा खपतकर्ता देश।
