जुलाई के मुकाबले अगस्त में खाद्य तेलों का आयात 17 प्रतिशत घटने की संभावना

05-Sep-2024 06:37 PM

मुम्बई। उद्योग-व्यापार क्षेत्र के शीर्ष समीक्षकों ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार भाव ऊंचा एवं तेज रहने तथा घरेलू प्रभाग में अच्छा स्टॉक मौजूद रहने के कारण अगस्त 2024 के दौरान पाम तेल तथा सूरजमुखी तेल के आयात में गिरावट आई जबकि सोयाबीन तेल के आयात में थोड़ी बढ़ोत्तरी हो गई।

दरअसल जुलाई 2024 में खाद्य तेलों का आयात तेजी से उछलकर अत्यन्त ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था इसलिए अगस्त में आयात घटने का अनुमान पहले से ही लगाया जा रहा था। सितम्बर-अक्टूबर में त्यौहारी मांग के कारण आयात कुछ बढ़ सकता है। 

वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के अग्रणी विश्लेषकों ने अगस्त में खाद्य तेलों का कुल आयात 15.30 लाख टन के करीब होने का अनुमान लगाया है जो जुलाई के आयात से लगभग 17 प्रतिशत कम है।

विश्लेषकों के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि के दौरान पाम तेल का आयात 27 प्रतिशत घटकर 7.91 लाख टन तथा सूरजमुखी तेल का आयात 21 प्रतिशत गिरकर 2.88 लाख टन रह जाने की संभावना है जबकि सोयाबीन तेल का आयात 16 प्रतिशत बढ़कर 4.56 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है। 

केन्द्र सरकार खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार कर रही है ताकि तिलहन उत्पादकों को कुछ राहत मिल सके।

ध्यान देने वाली बात है कि अगस्त में भले ही खाद्य तेलों के आयात में गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है लेकिन समीक्षकों ने जो संभावित आंकड़ा दिया है वह औसत मासिक आयात से ज्यादा दी है।

विशाल मात्रा में सस्ते विदेशी खाद्य तेल का आयात जारी रहने से घरेलू बाजार में खासकर सोयाबीन का भाव लुढ़ककर न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे आ गया है

जबकि इसकी नई फसल अगले कुछ सप्ताहों में तैयार होकर मंडियों में आने वाली है। मध्य सितम्बर के आसपास जब सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) की नई मासिक रिपोर्ट सामने आएगी तब खाद्य तेलों के वास्तविक आयात का पता चल सकेगा।