जुलाई के पहले पखवाड़े में 11 प्रतिशत अधिशेष बारिश
16-Jul-2025 10:57 AM
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून की बेहतर गतिशीलता के कारण देश के विभिन्न भागों में पिछले दिनों के दौरान काफी अच्छी बारिश हुई और इससे खरीफ फसलों की बिजाई का दायरा बढ़ाने में किसानों को भारी सहायता मिली।
मौसम विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 1 से 15 जुलाई 2025 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर 128.9 मि०मी० के दीर्घकालीन औसत (एलपीए) से 11.3 प्रतिशत अधिक बारिश हुई जबकि 1 जून से 15 जुलाई तक वर्षा इस सामान्य औसत से 10 प्रतिशत ज्यादा दर्ज की गई। लेकिन वर्षा का वितरण समान नहीं रहा। कहीं बहुत अधिक बारिश हुई तो कहीं इसका अभाव बना रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देश के 8 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में नौ मौसमी उपखंडों में वर्षा की भारी कमी दर्ज की गई जबकि देश के कुल कृषि क्षेत्र का 20 प्रतिशत भाग इन उपखंडों में स्थित है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 से 15 जुलाई के दौरान देश के पूर्वी एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र में सामान्य औसत से 30 प्रतिशत तथा दक्षिणी क्षेत्र में 22.6 प्रतिशत कम बारिश हुई। दूसरी ओर मध्य भारत में 44.5 प्रतिशत एवं प्रश्चिमोत्तर राज्यों में 26.3 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। अब बिहार में वर्षा हो रही है।
मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि 1 जून से 15 जुलाई 2025 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कुल 323.5 मि०मी० वर्षा हुई जो सामान्य औसत 294.2 मि०मी० से करीब 10 प्रतिशत अधिक रही।
इस अवधि के दौरान देश के पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भाग में 421.1 मि०मी० की बारिश हुई जो दीर्घ कालीन औसत (एलपीए) 540.2 मि०मी० से 22 प्रतिशत कम रही। इसी तरह दक्षिण भारत में 255.3 मि०मी० एलपीए की तुलना में कुल वर्षा 229.7 मि०मी० या 10 प्रतिशत कम हुई।
लेकिन पश्चिमोत्तर राज्यों में 168.7 मि०मी० के एलपीए के मुकाबले कुल वर्षा 33.6 प्रतिशत ज्यादा यानी 225.4 मि०मी० दर्ज की गई। इसी तरह मध्यवर्ती क्षेत्र में 421.7 मि०मी० बारिश हुई जो सामान्य औसत 315 मि०मी० से 33.9 प्रतिशत अधिक थी।
इसके बावजूद देश के जिन 729 जिलों से मौसम के आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं उसमें से 258 जिलों में वर्षा का अभाव देखा गया। पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुल जिलों का आंकड़ा इसमें शामिल नहीं है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि देश के कुछ अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों के विभिन्न जिलों में बारिश की स्थिति में भारी अंतर देखा जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश के कई जिलें शामिल हैं।
वहां एटा में 146 प्रतिशत एवं हमीरपुर में 129 प्रतिशत तथा आगरा में 98 प्रतिशत अधिशेष वर्षा हुई जबकि देवरिया जिले में 96 प्रतिशत और कुशीनगर जिले में 81 प्रतिशत कम बारिश हुई। अन्य राज्यों में भी ऐसी ही स्थिति देखी जा रही है।
