ज्वार की बिजाई घटी मगर मक्का एवं जौ का रकबा बढ़ा
06-Jan-2026 08:40 PM
नई दिल्ली। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अच्छी दभोत्तृ होने के बावजूद चालू रबी सीजन में ज्वार की बिजाई घट गई है जबकि दूसरी ओर मक्का जौ एवं रागी के रकबे में अच्छी वृद्धि होने से रबी कालीन मोटे अनाजों / श्री अन्न का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 51.79 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है
जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 50.66 लाख हेक्टेयर से 1.13 लाख हेक्टेयर अधिक लेकिन पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 55.33 लाख हेक्टेयर से कम है। इतना ही नहीं बल्कि 2024-25 के सम्पूर्ण रबी सीजन में मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र 59.05 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था जबकि चालू सीजन का रकबा उससे काफी पीछे है।
उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले सीजन की तुलना में वर्तमान रबी सीजन के दौरान 2 जनवरी तक ज्वार का उत्पादन क्षेत्र 22 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.74 लाख हेक्टेयर रह गया और बाजरा का बिजाई क्षेत्र 12 हजार हेक्टेयर के पिछले स्तर पर कायम रहा।
दूसरी ओर इसी अवधि में रागी का रकबा 51 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 10 हजार हेक्टेयर मक्का का उत्पादन क्षेत्र 21.87 लाख हेक्टेयर से उछलकर 23.32 लाख हेक्टेयर और जौ का क्षेत्रफल 6.08 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.78 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
साप्ताहिक आधार पर जौ के रकबे में कोई बदलाव नहीं हुआ जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इसकी बिजाई समाप्त हो चुकी है मगर कुल रकबा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 5.63 लाख हेक्टेयर से काफी ऊपर रहा। मक्का का उत्पादन क्षेत्र सामान्य औसत क्षेत्रफल से केवल 29 हजार हेक्टेयर पीछे है। ज्वार में अंतर ज्यादा है।
पिछले रबी सीजन की पूरी अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर 25.17 लाख हेक्टेयर में ज्वार, 27.80 लाख हेक्टेयर में मक्का तथा 6.08 लाख हेक्टेयर में जौ की खेती हुई थी। सरकार इसके उत्पादन का लक्ष्य पहले ही घोषित कर चुकी है।
