कुछ राज्यों में 20 नवम्बर तक गेहूं की बोआई पूरी कर लेने का सुझाव

18-Nov-2025 06:24 PM

करनाल। पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन के दौरान गेहूं के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हो रही है और उत्तरी राज्यों में किसान उच्च उत्पादकता वाली किस्मों की जल्दी-जल्दी बुआई कर रहे हैं क्योंकि वहां इसकी खेती का आदर्श समय जल्दी ही समाप्त होने वाला है।

उल्लेखनीय है कि उत्तरी क्षेत्र के पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश में गेहूं की अगैती बिजाई होती है जबकि अन्य राज्यों में बोआई कुछ देर से आरंभ होती है। 

करनाल स्थित संस्था- भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान ने किसानों को सुझाव दिया है कि यदि वे उच्च उत्पादकता एवं मौसम की प्रतिरोधी क्षमता वाली किस्मों के गेहूं की खेती करने के इच्छुक हैं तो उन्हें इसकी बोआई 20 नवम्बर 2025 तक पूरी कर लेनी चाहिए

ताकि आगे का मौसम इसकी फसल को ज्यादा प्रभावित न कर सके। इन विशिष्ट किस्मों के गेहूं की बोआई का यह आदर्श समय होता है और यदि 20 नवम्बर तक बिजाई पूरी हो जाए तो गेहूं की उच्चतम उपज दर प्राप्त होने की उम्मीद बढ़ जाती है। 

संस्थान के अनुसार जो किसान अक्टूबर में गेहूं की बोआई कर चुके हैं उन्हें खेतों से खर पतवार को नियमित रूप से हटाते रहना चाहिए।

खेतों की मिटटी में पर्याप्त नमी मौजूद होने से खर पतवार के तेजी से पनपने की आशंका है जो मिटटी के पोषक तत्वों को घटा सकता है।

गेहूं के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हो रही है और इसका क्षेत्रफल 14 नवम्बर तक बढ़कर 66.23 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 56.55 लाख हेक्टेयर से 17 प्रतिशत अधिक है। 

पंजाब-हरियाणा में गेहूं की बिजाई अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। वहां खरीफ सीजन की फसलों और खासकर धान की जोरदार कटाई होने से खेत जल्दी-जल्दी खाली हो रहे हैं

जिससे किसानों को गेहूं की बोआई की रफ्तार बढ़ाने में अच्छी सहायता मिल रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में भी गेहूं की बिजाई की रफ्तार तेज होने लगी है।