कालाहांडी जिले में धान की रिकॉर्ड सरकारी खरीद होने की उम्मीद

04-Feb-2025 04:30 PM

भवानी पटना । उड़ीसा में सबसे पिछड़ा क्षेत्र माना जाने वाला कालाहांडी जिला इस बार धान की खरीद में अपना नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। वहां धान की सरकारी खरीद पहले ही गत वर्ष के आंकड़े से आगे निकल चुकी है जबकि खरीद की प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

राज्य सरकार ने 2024-25 सीजन के लिए कालाहांडी जिले में 64.06 लाख क्विंटल धान की खरीद का निर्धारित किया है।

इसमें से 3 फरवरी 2025 तक 60.07 लाख क्विंटल की खरीद पूरी हो चुकी थी जो पिछले साल की समान अवधि की खरीद 51.20 लाख क्विंटल से काफी अधिक रही। 

धान की खरीद के लिए कुल 223 क्रय केन्द्र स्थापित किए गए थे जिसमें से 200 क्रय केन्द्रों को अब बंद कर दिया गया है क्योंकि वहां खरीद की प्रक्रिया पूरी हो गई थी और धान के नए स्टॉक की आवक नहीं हो रही थी।

हालांकि इस बार राज्य में खरीद प्रक्रिया कुछ देर से आरंभ हुई और शुरूआती दौर में खरीद की गति भी धीमी रही लेकिन बाद में रफ्तार तेज हो गई। 

आरंभिक चरण में राइस मिलर्स सरकार के साथ कस्टम मिलिंग का करार करने से हिचक रहे थे और कुछ मांग भी कर रहे थे।

इसमें एक मांग कस्टम मिलिंग चार्ज को 20 रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल नियत करने की भी थी। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में धान मिलिंग का चार्ज ऊंचा है। इसके अलावा परिवहन चार्ज में भी इजाफा करने की मांग हो रही थी। 

इसके बाद खरीद सीजन के मध्य में मिलर्स ने काम रोक दिया क्योंकि भारतीय खाद्य निगम के साथ विवाद उत्पन्न होने के कारण 60 मिलर्स को काली सूची में डाल दिया गया था।

निगम का कहना था कि इन मिलर्स ने चावल की डिलीवरी के दौरान कम संख्या में बोरियां उपलब्ध करवाई। उधर किसानों ने भी मापतौल 'कटनी-छंटनी' होने का आरोप लगाया। अब वहां हालात सामान्य बताए जा रहे हैं और धान की खरीद भी अंतिम चरण में पहुंच गई है।