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21-Oct-2026 06:24 PM
घरेलू बाजार में ग्राहकी का अभाव बने रहने से चना की कीमतों में आज भी नरमी का रुख बना हुआ है। चना दाल और बेसन में मांग कमजोर रहने के कारण दाल मिलर्स की लिवाली सीमित बनी हुई है, जिससे चना बाजार को समर्थन नहीं मिल पा रहा है।
वहीं, नाफेड की बिडिंग में कम भावों पर कारोबार होने का असर भी बाजार की धारणा पर दिखाई दे रहा है। फिलहाल मांग में सुधार नहीं होने और दाल मिलर्स की खरीद कमजोर रहने से चना की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
दाल मिलर्स की कमजोर मांग के चलते दिल्ली में चना के भाव ₹100 से ₹125 प्रति क्विंटल तक घट गए। गिरावट के बाद मध्य प्रदेश लाइन का चना ₹7,200–7,225 प्रति क्विंटल तथा राजस्थान लाइन का चना ₹7,275–7,300 प्रति क्विंटल रह गया। जयपुर में भी चना के भाव ₹100 घटकर ₹7,400 प्रति क्विंटल पर आ गए। अन्य प्रमुख बाजारों में भी मंदी का रुख देखने को मिला।
कमजोर लिवाली के कारण कटनी में चना ₹125 घटकर ₹7,200–7,250 प्रति क्विंटल रह गया। अकोला में भी ₹125 की गिरावट के साथ भाव ₹7,550–7,575 प्रति क्विंटल पर आ गए। आयातित चना बाजार में भी मांग कमजोर रहने से कीमतों पर दबाव बना रहा। मुंबई में तंजानिया चना ₹50 घटकर ₹7,250–7,300 प्रति क्विंटल तथा ऑस्ट्रेलियाई चना ₹7,400 प्रति क्विंटल रह गया। मुंद्रा में ऑस्ट्रेलियाई चना का भाव ₹7,300 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।
बाजार विश्लेषण: चना बाजार में फिलहाल मांग की कमी प्रमुख कमजोरी बनी हुई है। चना दाल और बेसन की बिक्री में सुधार नहीं होने से दाल मिलर्स की खरीद सीमित है। साथ ही, नाफेड की बिडिंग में कम भावों का असर भी बाजार पर पड़ रहा है। आगे कीमतों की दिशा दाल मिलों की मांग, नाफेड की बिक्री और बाजार में उपलब्ध स्टॉक पर निर्भर करेगी। मांग में सुधार नहीं होने तक बाजार में दबाव बने रहने की संभावना है।