कमजोर मांग के कारण हल्दी के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव की संभावना
28-May-2025 11:41 AM
इरोड। पिछले साल हल्दी का घरेलू बाजार भाव एक समय उछलकर 200 रुपए प्रति किलो से भी ऊपर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था जो बाद में घटते हुए 111 रुपए प्रति किलो के निचले स्तर पर आ गया।
इसके बाद महाराष्ट्र के मराठवाड़ा संभाग में नई फसल की आवक में देरी होने के कारण कीमतों में पुनः तेजी-मजबूती का माहौल बनने लगा।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार मांग एवं आपूर्ति के मौजूदा समीकरण को देखते हुए प्रतीत होता है कि अगले कुछ महीनों तक हल्दी का भाव सीमित उतार-चढ़ाव के साथ एक निश्चित सीमा में स्थिर रह सकता है।
सांगली एवं इरोड के व्यापारियों का कहना है कि हल्दी की मांग कमजोर है और जुलाई तक इसका भाव घटकर 120 रुपए प्रति किलो से नीचे आ सकता है।
स्टॉकिस्टों में बिकवाली की प्रवृत्ति देखी जा रही है जिससे मंडियों में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहेगी। समीक्षकों के अनुसार तेलंगाना के निजामाबाद, महाराष्ट्र के सांगली एवं तमिलनाडु के इरोड जैसे प्रमुख उत्पादन एवं व्यापारिक केन्द्रों में हल्दी में मांग बहुत कमजोर पड़ गई है
और सुस्त कारोबार के बीच इसका भाव लगभग स्थिर बना हुआ है। अधिकांश उत्पादक अपनी हल्दी के बड़े भाग की बिक्री कर चुके हैं और इसलिए इसका भरपूर स्टॉक अभी बचा हुआ है।
वर्तमान समय में अखिल भारतीय स्तर पर हल्दी का भारित औसत मूल्य 12,665 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है जो पिछले साल की समान अवधि में प्रचलित मूल्य 16,355 रुपए प्रति क्विंटल से काफी नीचे है।
वायदा एक्सचेंज में अगस्त डिलीवरी के लिए हल्दी का भाव पिछले दिन 13,958 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुआ जो उससे पूर्ववर्ती दिवस के बंद भाव से 106 रुपए कम था। निजामाबाद की पॉलिशदार हल्दी का एनसीडीईएक्स स्पॉट मूल्य 14,294 रुपए प्रति क्विंटल रहा।
एक अग्रणी व्यापारी के मुताबिक इस बात की मजबूत धारणा बन रही है कि हल्दी का भाव घटकर 100 रुपए प्रति किलो से भी नीचे आ सकता है लेकिन यदि निर्यात मांग बेहतर रही तो कीमतों में नरमी पर ब्रेक लग सकता है।
सितम्बर-अक्टूबर के दौरान हल्दी का दाम गिरकर 110 रुपए प्रति किलो से नीचे आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। लगभग 20-25 लाख बोरी हल्दी का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद है जिससे कीमतों पर दबाव बरकरार रह सकता है।
प्रमुख थोक मंडियों में हल्दी की आवक घटने लगी है। निजामाबाद मंडी में औसतन 3000 टन हल्दी की दैनिक आपूर्ति हो रही है जबकि महाराष्ट्र में 30-40 हजार बोरी की आवक बताई जा रही है। वहां खरीदारों को अच्छी मात्रा में माल मिल रहा है इसलिए अन्य मंडियों में मांग बहुत घट गई है।
