कनाडा को मटर के निर्यात में हो रही है कठिनाई

25-Dec-2025 07:54 PM

टोरंटो। कनाडा में पिछले साल के मुकाबले चालू वर्ष के दौरान मटर के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और पिछले बकाया स्टॉक के साथ इसकी कुल उपलब्धता भी बढ़ी है जिससे निर्यात योग्य स्टॉक का स्तर ऊंचा हो गया है।

दूसरी ओर भारत और चीन जैसे शीर्ष खरीदार देशों में ऊंचे स्तर का सीमा शुल्क लागू होने से वहां इसका निर्यात प्रभावित हो रहा है।

चीन में कनाडाई मटर के आयात पर मार्च 2025 से ही 100 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा हुआ है जबकि भारत में नवम्बर 2025 से 30 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू है। कनाडा में मटर के वैश्विक निर्यात बाजार में रूस की कठिन प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है जहां इस बार भी उत्पादन शानदार हुआ है। रूस की मटर अपेक्षाकृत सस्ती होती है इसलिए आयातक देश इसकी ज्यादा खरीद करते है। 

आमतौर पर चीन में कनाडा से औसतन 15 लाख टन पीली मटर का वार्षिक आयात किया जाता था जो वर्ष 2024 में घटकर 5 लाख टन के करीब रह गया और 2025 में 70,400 टन तक ही पहुंच सका।

मार्च 2025 के बाद से वहां इसका आयात ठप्प है और इसके बजाए चीन के आयातक रूस से विशाल मात्रा में मटर मंगा रहे हैं। कनाडा सरकार चीन को मटर पर लागू 100 प्रतिशत का आयात शुल्क हटाने के लिए मनाने का प्रयास कर रही है मगर उसे इसमें अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। 

जहां तक भारत का सवाल तो वहां कई महीनों तक पीली मटर के आयात को सीमा शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा गया लेकिन जब घरेलू प्रभाग में दलहनों का भाव तेजी से घटकर नीचे आने लगा

और सीमा शुल्क लगाने के लिए सरकार पर चौतरफा दबाव पड़ने लगा तब इस पर 30 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया जो 1 नवम्बर 2025 से प्रभावी हुआ। यह सीमा शुल्क सभी निर्यातक देशों देशों पर लागू हो गया है। 

बांग्ला देश, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका तथा संयुक्त अरब अमीरात सहित कई अन्य एशियाई देश तथा यूरोपीय संघ के सदस्य देश भी कनाडा से मटर का आयात करते हैं

मगर उसमें भारत और चीन की कमी को पूरा करने की क्षमता नहीं है। भारत में पीली मटर का आयात बंद नहीं हुआ है लेकिन इसकी मात्रा एवं तीव्रता में कमी आने के संकेत मिल रहे हैं।