कनाडा- ख़राब क्वालिटी मसूर की अधिकता बना दर्द

18-Nov-2025 10:18 AM

कनाडा को 2025-26 में मसूर की मजबूत वैश्विक मांग की जरूरत होगी, क्योंकि इस साल देश में उत्पादन 29.7 लाख टन रहा है—जो पिछले साल से 22% ज्यादा है और इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादन है। हालांकि गुणवत्ता कमजोर है और केवल 22% फसल ही टॉप ग्रेड में गई है।

तुर्की, जो कनाडा का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है, इस साल बड़ी फसल खराबी का सामना कर रहा है। उसके यहां लाल मसूर उत्पादन 43% गिरकर 2.3 लाख टन रह गया है—रिकॉर्ड में तीसरा सबसे कम।

हरी मसूर उत्पादन भी 58% गिरा है। इससे तुर्की की आयात मांग बढ़ने की उम्मीद है। अनुमान है कि तुर्की 2025-26 में 3.25 लाख टन मसूर खरीदेगा।

वैश्विक मसूर उत्पादन भी बढ़कर 76 लाख टन पहुंचा, जो पिछले वर्ष से 15% अधिक होगा और ऑस्ट्रेलिया, रूस, कज़ाखस्तान जैसे देशों में भी उत्पादन ज्यादा है।

भारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार है, 2025-26 में 6.5 लाख टन मसूर आयात कर सकता है, जहां कनाडा को ऑस्ट्रेलिया से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलेगी।

कनाडा की सप्लाई बढ़कर 36 मिलियन टन लाख हो सकती है, जिससे स्टॉक बढ़कर 11.5–11.9 लाख टन तक पहुंचने का अंदेशा है।

मांग के स्तर पर ही आगे कीमतों का रुख तय होगा।