कनाडा से राजनयिक सम्बन्ध बिगड़े- व्यापारिक रिश्तों पर असर पड़ने की आशंका

15-Oct-2024 11:24 AM

नई दिल्ली । भारत और कनाडा के बीच राजनयिक (डिप्लोमैटिक) सम्बन्ध काफी खराब हो गए हैं। भारत ने कनाडा से अपना उच्चायुक्त तथा कुछ अन्य अधिकारियों को वापस बुला लिया है और कनाडा के उच्चायुक्त तथा उप उच्चायुक्त के अलावा छह वरिष्ठ अधिकारियों को 17 अक्टूबर की रात 12 बजे तक देश छोड़ देने के लिए कहा है।

राजनयिक सम्बन्धों में आई इस खटास का असर व्यापारियों रिश्तों पर भी पड़ने की आशंका है। वैसे इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है। 

ध्यान देने की बात है कि कनाडा से भारत से मसूर एवं पीली मटर का भारी आयात किया जाता है और वह भारत को दलहन की आपूर्ति करने वाला सबसे प्रमुख देश बना हुआ है। यदि व्यापरिक रिश्तों में बिगाड़ आया तो दोनों पक्षों की कठिनाई बढ़ सकती है। 

कनाडा के प्रधानमंत्री ने भारत पर अनर्गल और आधारहीन आरोप लगाते हुए हाई कमिश्नर (उच्चायुक्त) को देश छोड़ने के लिए कहा था जबकि भारत के विदेश मंत्रालय ने कनाडा के उच्चायुक्त को बुलाकर कहा कि कनाडाई प्रधानमंत्री का बयान और व्यव्हार स्वीकार्य नहीं है और कनाडा सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसके बाद दोनों देशों के उच्चायोग के आला अधिकारियों को वापस बुलाने का निर्णय लिया गया।  

विदेश मंत्रालय ने कनाडा के उच्चायुक्त से कहा कि जस्टिन ट्रूडो की सरकार चरमपंथ, हिंसा और भारत से पृथकतावाद को बढ़ावा दे रही है और इसे देखते हुए भारत सरकार आगे और भी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र है।

इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में भारत सरकार कुछ कठोर निर्णय ले सकती है। कनाडा सरकार ने भारतीय राजदूत तथा अन्य अधिकारियों से पूछताछ करने का निर्णय लिया था जो उसके एक नागरिक (आतंकवादी) की हत्या के मामले से सम्बन्धित था।

लेकिन भारत सरकार ने इसका जोरदार विरोध किया। अब सबका ध्यान दोनों देशों के अगले कदम पर केन्द्रित है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह मामला जटिल हो गया है और निकट भविष्य में इसका सुलझना मुश्किल है।