कनाडाई मसूर के लिए जोरदार वैश्विक मांग की जरूरत

18-Nov-2025 01:56 PM

सस्काटून। चालू वर्ष के दौरान कनाडा में मसूर का बेहतर उत्पादन हुआ है मगर इसकी वैश्विक मांग कमजोर देखी जा रही है। उधर ऑस्ट्रेलिया में भी इसका रिकॉर्ड उत्पादन होने के संकेत मिल रहे हैं और काला सागर क्षेत्र में यह सस्ते दाम पर भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं।

इसके फलस्वरूप कीमतों पर भारी दबाव बना हुआ है। व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि यदि जोरदार वैश्विक मांग नहीं रही तो कनाडा के मसूर उत्पादकों एवं निर्यातकों को काफी कठिनाई हो सकती है।  

कनाडा के सबसे प्रमुख कृषि उत्पादक प्रान्त- सस्कैचवान में इस वर्ष मसूर के सकल उत्पादन में शीर्ष क्वालिटी के माल की भागीदारी केवल 22 प्रतिशत आंकी गई है जो 10 वर्षीय औसत हिस्सेदारी 31 प्रतिशत से भी काफी कम है।

कनाडा के लिए एक अच्छी खबर यह है कि उसके शीर्ष खरीदार देशों में से एक- तुर्की में इस वर्ष मसूर की फसल निराशाजनक रही है और वहां लाल मसूर का उत्पादन पिछले साल की तुलना में 43 प्रतिशत घटकर 2.30 लाख टन पर अटक गया है।

यह अब तक तीसरा सबसे छोटा उत्पादन है। इसी तरह वहां हरी मसूर का उत्पादन भी 58 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट के साथ 30 हजार टन के आसपास सिमट जाने का अनुमान है। 

अत्यन्त कमजोर घरेलू उत्पादन के कारण तुर्की को मसूर का आयात बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी। वह भारत के बाद कनाडाई मसूर का दूसरा सबसे प्रमुख खरीदार हैं।

चूंकि ऑस्ट्रेलिया में इस वर्ष मसूर का शानदार उत्पादन होने के आसार हैं जिससे वैश्विक बाजार में इसकी आपूर्ति- उपलब्धता काफी बढ़ जाएगी इसलिए कनाडा को तुर्की जैसे बाजारों की सख्त आवश्यकता पड़ेगी क्योंकि भारत में कनाडा के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया से भी बड़े पैमाने पर मसूर का आयात किया जाता है।  

चालू वर्ष के शुरुआती नौ महीनों के दौरान तुर्की में करीब 4.07 लाख टन मसूर का आयात हुआ जिसमें कजाकिस्तान की भागीदारी सबसे ज्यादा 42 प्रतिशत रही और 36 प्रतिशत की भागीदारी के साथ कनाडा दूसरे नंबर पर रहा।

वर्ष 2025-26 के पूरे मार्केटिंग सीजन में तुर्की द्वारा कनाडा से 3.25 लाख टन मसूर के आयात की संभावना व्यक्त की जा रही है। उधर कनाडा में मसूर का उत्पादन गत वर्ष से 22 प्रतिशत बढ़कर 29.70 लाख टन पर पहुंच गया जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।