कपास में नमी की ऊपरी सीमा 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का आग्रह
27-Oct-2025 04:43 PM
हैदराबाद। तेलंगाना के कृषि मंत्री ने केन्द्र सरकार से कपास में नमी की ऊपरी मान्य सीमा को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत नियत करने का आग्रह करते हुए कहा है कि मौसम की मौजूदा स्थिति से राज्य में कपास में नमी का स्तर काफी ऊंचा हो गया है
और किसानों को इसे बेचने में भारी कठिनाई हो रही है। केन्द्रीय कपड़ा मंत्री को भेजे एक पत्र में तेलंगाना के कृषि मंत्री ने कहा है कि थोक मंडियों में नमी युक्त कपास के खरीदारों का अभाव देखा जा रहा है।
प्रचलित नियम के अनुसार यदि कपास में नमी का अंश 8 प्रतिशत तक है तो पूरे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर उसकी खरीद की जाएगी। यदि नमी का स्तर 9 से 12 प्रतिशत के बीच है तो एमएसपी में उसके अनुमान में कटौती की जाएगी और अगर नमी 12 प्रतिशत से ज्यादा है तो उस कपास की सरकारी खरीद नहीं की जाएगी।
तेलंगाना के किसानों का कहना है कि केन्द्र के इस सख्त नियम से कपास उत्पादकों को भारी कठिनाई हो रही है और उसे अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त नहीं हो रहा है। सरकार को नमी की स्वीकृत ऊपरी सीमा 20 प्रतिशत तक बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 589 रुपए बढ़ाकर मध्यम रेशेवाली श्रेणी के लिए 7710 रुपए प्रति क्विंटल तथा लम्बे रेशवाली किस्मों के लिए 8110 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
राष्ट्रीय स्तर पर बिजाई क्षेत्र में कमी आने तथा कहीं-कहीं फसल को बाढ़-वर्षा से नुकसान होने के कारण कपास के उत्पादन में कुछ गिरावट आने की संभावना है।
उधर वैश्विक बाजार में रूई का भाव नरम चल रहा है। सीसीआई द्वारा एमएसपी पर कपास की खरीद की जा रही है और करनी भी चाहिए क्योंकि देश से रूई का निर्यात कमजोर चल रहा है।
तेलंगाना में इस बार करीब 18.60 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती हुई है और 28.30 लाख टन के उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है। तेलंगाना तीसरा सबसे प्रमुख कपास उत्पादक राज्य माना जाता है।
