कर्नाटक में मक्का किसानों को हर संभव सहायता देने का निर्णय

24-Nov-2025 10:57 AM

मैसूर। देश के एक अग्रणी मक्का उत्पादक राज्य- कर्नाटक के उत्तरी भाग में इस महत्वपूर्ण मोटे अनाज का थोक मंडी भाव घटकर काफी नीचे आ गया है। उससे चिंतित और परेशान किसान विरोध प्रदर्शन पर उतारू हो गए हैं।

उनकी मांग है कि कम से कम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मक्का की खरीद सुनिश्चित की जाए जो इस वर्ष 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है।

प्रांतीय सरकार किसानों की मांग से सहमत हैं और उससे उत्पादकों को बेहतर वापसी दिलाने का जोरदार प्रयास आरंभ कर दिया है। 

कर्नाटक सरकार ने इस सम्बन्ध में राज्य के प्रमुख डिस्टीलर्स तथा पॉल्ट्री उद्योग के साथ बातचीत करने का निर्णय लिया है ताकि इसे अच्छे दाम पर किसानों से मक्के खरीदने के लिए राजी किया जा सके।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा ही कि राज्य के सभी प्रमुख डिस्टीलर्स के साथ शीघ्र ही एक बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें उसे एथनॉल उत्पादन के लिए यथाशीघ्र मक्का की खरीद के लिए निर्देश दिया जाएगा।

इसके अलावा राज्य के पॉल्ट्री उद्योग के साथ भी इस मामले में बातचीत की जाएगी। ज्ञात हो कि आमतौर पर कर्नाटक में पॉल्ट्री उद्योग द्वारा विशाल मात्रा में मक्का खरीदा जाता है। 

मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य सरकार मक्का की कीमतों में आई गिरावट से प्रभावित होने वाले किसानों को हर संभव सहयोग-समर्थन प्रदान करेगी।

चूंकि घरेलू प्रभाग में मक्का का पर्याप्त उत्पादन हुआ है इसलिए केन्द्र सरकार को पत्र भेजकर इसके आयात पर नियंत्रण लगाने का आग्रह किया जाएगा।

कमजोर मांग एवं शानदार उत्पादन के कारण मक्का का घरेलू बाजार भाव घटकर (एमएसपी) से काफी नीचे आ गया है। उत्तरी कर्नाटक में स्थिति ज्यादा खराब है।

वहां किसानों के पास मक्का का भरपूर स्टॉक मौजूद है मगर खरीदारों का अभाव होने से दाम काफी घट गया है। सरकारी पोर्टल एगमार्क नेट के अनुसार नवम्बर में अभी तक मक्का का औसत मूल्य 1814 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो अक्टूबर से 6 प्रतिशत तथा नवम्बर 2024 की तुलना में 17 प्रतिशत नीचे है।

मुख्यमंत्री का कहना है की कर्नाटक के डिस्टीलर्स को मक्का से निर्मित एथनॉल का जो कोटा जारी किया गया है वह आयात कोटा है और इसलिए डिस्टीलर्स इसकी खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं।