कृषि मंत्री के साथ बैठक में किसानों ने फसलों के उचित मूल्य पर मुद्दा उठाया

25-Sep-2024 02:50 PM

नई दिल्ली । पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप केन्द्रीय कृषि मंत्री ने पिछले दिन किसानों के प्रतिनिधि मंडल के साथ पहली बैठक आयोजित की जिसमें किसानों ने आवारा एवं जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा तथा विभिन्न फसलों के लिए उचित मूल्य की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

इस बैठक में 50 किसानों एवं फार्म यूनियन का प्रतिनिधिमंडल उपस्थित था। किसानों का कहना था कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसानों को औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश न होना पड़े।

इसके अलावा फसल बीमा योजना को छोटे-छोटे किसानों के लिए अधिक लाभदायक बनाया जाना चाहिए और सस्ते तथा विश्वसनीय बीजों की नियमित रूप से पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। 

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व कृषि मंत्री ने घोषणा की थी कि वे प्रत्येक सप्ताह किसानों के साथ मीटिंग करके उनकी समस्याओं को जानने-समझने तथा उसे दूर करने का प्रयास करेंगे।

गत दिन की बैठक में कृषि मंत्री ने किसानों द्वारा रखी गई विभिन्न मांगों को पूरा करने हेतु सरकार की ओर से हर संभव सहयोग समर्थन देने का आश्वासन दिया और अपने विभाग के सम्बद्ध अधिकारियों के दल को प्रतिनिधि मंडल द्वारा दिये गए सुझावों पर फौरन काम शुरू करने का निर्देश भी दिया।

कृषि मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार किसानों की भलाई के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेगी। यह पहली बैठक कृषक समुदाय एवं सरकार के बीच खुले संवाद की शुरुआत है जिसका उद्देश्य किसानों तथा कृषि क्षेत्र के समक्ष उपस्थित चुनौतियों एवं समस्याओं को दूर करना है। 

कृषि मंत्री ने वर्तमान सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान अब तक किसानों के हित में उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी।

किसान यह भी चाहते थे कि जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना को और अधिक व्यापक तथा प्रभावी बनाया जाए ताकि उत्पादकों को नुकसान न हो।

किसानों प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में संशोधन करने तथा देश से कृषि उत्पादों के निर्बाध एवं नियंत्रण मुक्त निर्यात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया। विदेशों से कुछ खास कृषि जिंसों के अत्यधिक आयात पर लगाम कसने की मांग भी रखी गई।