कृषि उत्पादन बढ़ने के बावजूद किसानों की आमदनी घटी
29-Dec-2025 08:27 PM
नई दिल्ली। हालांकि सरकारी आंकड़ों से ज्ञात होता है कि वर्ष 2025 के दौरान खाद्यान्न एवं बागवानी फसलों का घरेलू उत्पादन बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया लेकिन थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे रहने के कारण किसानों की कुल आमदनी में गिरावट आ गई यह स्थिति दलहन, तिलहन, मोटे अनाज तथा कपास आदि पर विशेष रूप से लागू होती है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार के दक्षिण-पश्चिम मानसून की भरपूर बारिश से किसानों को उच्च रियायती मूल्य वाले उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने तक कुछ सरकारी उपायों के लागू रहने से खाद्यान्न के उत्पादन में संतोषजनक वृद्धि हुई।
सरकारी उपायों में एमएसपी पर निश्चित खरीद, फसल बीमा तथा प्रत्यक्ष नकद अंतरण आदि योजनाएं शामिल हैं। इससे किसानों को खासकर गेहूं, चावल का उत्पादन बढ़ाने का प्रोत्साहन मिला।
लेकिन दूसरी ओर विदेशों से विशाल मात्रा में दलहनों, खाद्य तेलों एवं रूई का सस्ता आयात होने के कारण कीमतों में गिरावट का माहौल जारी रहा इससे किसानों को अपेक्षित आमदनी प्राप्त नहीं हुई। प्याज, टमाटर एवं आलू का दाम 2024 की तुलना में 2025 के दौरान नीचे रहा।
दलहनों में तुवर, उड़द, मूंग एवं तिलहनों में सोयाबीन तथा मूंगफली का दाम एमएसपी से नीचे दर्ज किया गया। कपास और मक्का की कीमतों में भी गिरावट आई।
कुल मिलाकर कृषि उत्पादन में अच्छा सुधार आया लेकिन किसानों को उसका पूरा फायदा नहीं मिल सका। दरअसल स्वयं सरकार ने घरेलू बाजार में कृषि उत्पादों के दाम में तेजी को नियंत्रित करने के लिए कई आवश्यक एहतियाती कदम उठाए।
