खपत का सीजन नजदीक होने से सौंठ में नरमी की सम्भावना कम
08-Oct-2024 03:53 PM
कोच्चि। दक्षिण-पश्चिम मानसून का सीजन लगभग समाप्त होने से सौंठ के बाजार में हलचल कुछ बढ़ने की सम्भावना है। आगे सर्दियों का मौसम आने वाला है जिसमें इस महत्वपूर्ण मसाले की मांग एवं खपत अक्सर बढ़ जाती है। फ़िलहाल इसका कारोबार अपेक्षित ढंग से नहीं हो रहा है मगर फिर भी बाजार एक निश्चित सीमा में थोड़े-बहुत उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर बना हुआ है। सौंठ में थोड़ी-बहुत त्यौहारी मांग निकलने की उम्मीद भी की जा रही है। पूर्वोत्तर राज्यों में सीजन के आरम्भ में बढ़ आई थी जिससे अदरक एवं सौंठ का उत्पादन आंशिक रूप से प्रभावित होने की आशंका है। दक्षिण भारत में खासकर कर्नाटक में अच्छी बारिश हुई। वहां से दिल्ली में अदरक की अच्छी आवक हो रही है और इसका भाव 60-65 रुपए प्रति किलो बताया जा रहा है। एक समय ऐसा भी था जब अदरक का दाम उछलकर 200-225 रुपए प्रति किलो के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हालत ये हो गयी थी कि उत्पादकों ने अपना अधिकांश स्टॉक बेच दिया था जिससे सौंठ बनाने के लिए अदरक की भारी कमी हो गयी थी। अब हालात बदल चुके हैं। फ़िलहाल स्टॉकिस्टों द्वारा सौंठ की अच्छी बिक्री की जा रही है जबकि खरीदारों की दिलचस्पी कुछ कम है।
स्थानीय मंडी में सौंठ की आपूर्ति का पर्याप्त दबाव अभी तक नहीं देखा जा रहा है इसलिए व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि खरीदारों की मांग निकलने पर इसकी कीमतों में कुछ सुधार आ सकता है। उत्पादकों एवं स्टॉकिस्टों के पास माल भारी-भरकम स्टॉक नहीं है। पिछले दिनों सौंठ का दाम 32,500-33,000 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था। केरल में नई सौंठ की थोड़ी-बहुत आवक हो रही है लेकिन इसका दाम ऊंचा बताया जा रहा है। केरल में भाव 320-340 रुपए प्रति किलो चल रहा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र और खासकर सिलीगुड़ी लाइन से अदरक एवं सौंठ की आवक बहुत कम हो रही है।
