खरीफ फसलों का बिजाई क्षेत्र 1.9 प्रतिशत बढ़कर 1108 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचा
03-Oct-2024 08:28 PM
नई दिल्ली । आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र चालू वर्ष में बढ़कर 1108.57 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 1088.25 लाख हेक्टेयर से 1.9 प्रतिशत ज्यादा है। यह रकबा पंचर्षीय औसत क्षेत्रफल 1096 लाख हेक्टेयर से भी ज्यादा है।
पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान धान, दलहन, तिलहन, मोटे अनाज एवं गन्ना के उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुई है मगर कपास तथा जूट / मेस्ता के बिजाई क्षेत्र में गिरावट आई है।
धान का क्षेत्रफल गत वर्ष से 2.5 प्रतिशत अधिक रही। दलहन फसलों में अरहर (तुवर), मूंग, मोठ एवं कुलथी के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुई है मगर उड़द का रकबा घट गया है।
इसी तरह तिलहन फसलों में मूंगफली तथा सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र बढ़ा है जबकि तिल एवं अरंडी के क्षेत्रफल में गिरावट आई है।
मोटे अनाजों में भी मक्का, ज्वार, रागी एवं स्मॉल मिलेट्स के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुई है मगर बाजरा का बिजाई क्षेत्र कुछ पिछले रह गया है। गन्ना का रकबा 57 हजार हेक्टेयर बढ़ा है।
मानसून की अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की बिजाई बढ़ाने में किसानों को मदद मिली लेकिन कहीं-कहीं अत्यन्त अधिशेष वर्षा होने तथा बाढ़ का प्रकोप रहने से खरीफ फसलों को नुकसान भी होने की खबर है।
मानसून की बारिश राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य औसत से 6 प्रतिशत अधिक हो चुकी है जबकि अभी तक यह देश से पूरी तरह प्रस्थान नहीं कर पाया है।
खरीफ फसलों की कटाई-तैयारी का सीजन भी आरंभ हो गया है लेकिन कुछ इलाकों में खेतों में पानी जमा होने से कटाई की गति धीमी है।
आगामी दिनों में इसकी रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। सरकार को इस बार खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर होने का भरोसा है इसलिए उसने चावल के निर्यात का नियम काफी उदार बना दिया है।
