खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र 1096 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचा
18-Sep-2024 01:13 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष में 13 सितम्बर तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 1076.65 लाख हेक्टेयर की ऊंचाई पर पहुंच गया जो न केवल पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 1072.94 लाख हेक्टेयर से बल्कि पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 1096 लाख हेक्टेयर से भी ज्यादा है।
धान, पोषक अनाज, तिलहन एवं गन्ना का रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल से ऊपर पहुंचा है। गत वर्ष की तुलना में चालू वर्ष के दौरान खरीफ फसलों के उत्पादन क्षेत्र में हुई 2 प्रतिशत की वृद्धि का प्रमुख कारण मानसून की वर्षा का 8 प्रतिशत अधिशेष होना माना जाता है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार धान का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 393.57 लाख हेक्टेयर से 4 प्रतिशत बढ़कर इस बार 410 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो सामान्य औसत क्षेत्रफल 401.55 लाख हेक्टेयर से भी करीब 8.50 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
हालांकि दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र पिछले साल के 118.43 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 127.77 लाख हेक्टेयर हो गया है मगर यह सामान्य औसत क्षेत्रफल 136.02 लाख हेक्टेयर से पीछे है।
दलहन फसलों के संवर्ग में गत वर्ष के मुकाबले इस बार अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 40.74 लाख हेक्टेयर से उछलकर 46.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर उड़द का रकबा 32.25 लाख हेक्टेयर से घटकर 30.44 लाख हेक्टेयर रह गया। मोठ का रकबा 10.53 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया। मूंग के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है।
मोटे अनाज एवं श्री अन्न का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष की तुलना में 3.5 प्रतिशत बढ़कर इस बार 189.67 लाख हेक्टेयर हो गया। इसके तहत खासकर मक्का का बिजाई क्षेत्र 83.67 लाख हेक्टेयर से 4.5 प्रतिशत बढ़कर 87.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी पिछले साल के 190.37 लाख हेक्टेयर से 1.5 प्रतिशत सुधरकर इस बार 193.32 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इसके तथा मूंगफली एवं सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है।
सोयाबीन का क्षेत्रफल 123.83 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 125.11 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का रकबा 43.75 लाख हेक्टेयर से उछलकर 47.85 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। लेकिन तिल और अरंडी के बिजाई क्षेत्र में गिरावट आई है।
