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खरीफ कालीन मूंगफली के उत्पादन में 1 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान

13-Oct-2026 07:00 PM

खरीफ कालीन मूंगफली के उत्पादन में 1 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान

मुम्बई। एक अग्रणी संस्था ने प्रमुख उत्पादक राज्यों में बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण करने के बाद जो रिसोर्ट जारी की है उससे  पता चलता है कि 2025-26 के मुकाबले 2026-27 के मौजूदा सीजन में मूंगफली का सकल घरेलू उत्पादन 18 प्रतिशत घटकर 67 लाख टन पर सिमट सकता है। 

इंडियन ऑयल सीड्स एंड प्रोड्यूस एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल के अनुसार यद्यपि राष्ट्रीय स्तर पर खरीफ सीजन में मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 50 लाख हेक्टेयर के आसपास पहुंचा जो गत वर्ष के लगभग बराबर ही रहा लेकिन कई क्षेत्रों में मौसम एवं मानसून की स्थिति अनुकूल नहीं रहने से उसकी औसत उपज दर 19.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1349 किलो प्रति हेक्टेयर पर अटक जाने की संभावना है जबकि गत वर्ष यह औसत उत्पादकता 1679 किलो प्रति हेक्टेयर दर्ज की गई थी।

मूंगफली की उपज दर एवं कुल पैदावार की दृष्टि से गुजरात शीर्ष स्तर पर बरकरार रहेगा जबकि आंध्र प्रदेश में उत्पादकता दर सबसे नीचे रहने की संभावना है। गुजरात के बाद मूंगफली के उत्पादन में क्रमश: राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश का स्थान रहेगा। 

कौंसिल के मुताबिक भारत से निर्यात होने वाले तिलहनों में मूंगफली एवं तिल की संयुक्त भागीदारी 90 प्रतिशत से अधिक रहती है। इस बार तिल के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। कौंसिल द्वारा रिमोट सेसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए देश के सात शीर्ष मूंगफली उत्पादक राज्यों- गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसल का सर्वेक्षण किया गया और फिर उपज दर एवं पैदावार का आंकलन किया गया। 

मूंगफली की नई फसल की कटाई-तैयारी अगले कुछ दिनों में जोर पकड़ने की संभावना है जिससे मंडियों में आवक तेजी से बढ़ सकती है।