खाद्यान्न का वैश्विक उत्पादन 2.42 अरब टन पर पहुंचने का अनुमान

27-Oct-2025 06:03 PM

लंदन। अन्तर्राष्टीय अनाज परिषद (आईजीसी) ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन के लिए खाद्यान्न के वैश्विक उत्पादन का अनुमान 130 लाख टन बढ़ाकर 2.42 अरब टन निर्धारित किया है। उसके तहत खासकर गेहूं एवं जौ के उत्पादन अनुमान में भारी बढ़ोत्तरी की गई है। 

आईजीसी की नई मासिक रिपोर्ट में खाद्यान्न के वैश्विक बकाया स्टॉक का अनुमान भी 120 लाख टन बढ़कर 61.80 करोड़ टन नियत किया गया है। प्रमुख निर्यातक देशों में स्टॉक बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है।

इतना ही नहीं बल्कि खाद्यान्न के वैश्विक कारोबार का अनुमान भी संशोधित करके 44 करोड़ टन निर्धारित किया गया है जिसमें गेहूं का मजबूत शिपमेंट भी शामिल है। 

2025-26 के दौरान विश्व स्तर पर 82.70 करोड़ टन गेहूं के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। इसके तहत खासकर रूस, अमरीका, यूक्रेन, अर्जेन्टीना, यूरोपीय संग एवं कजाकिस्तान जैसे निर्यातक देशों में उत्पादन बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है।

इसके फलस्वरूप गेहूं का बकाया अधिशेष स्टॉक भी बढ़कर 27.50 करोड़ टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। गेहूं की वैश्विक खपत 2025-26 में 82 करोड़ टन होने की उम्मीद व्यक्त की गई है। इसी तरह खाद्यान्न की सकल वैश्विक खपत 2.40 अरब टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। 

मक्का का वैश्विक उत्पादन 1.30 अरब टन तथा उपयोग 1.29 अरब टन होने का अनुमान है। दूसरी ओर चावल के वैश्विक उत्पादन का अनुमान 20 लाख टन घटाकर 54.20 करोड़ टन निर्धारित किया गया है जो इसकी कुल संभावित वैश्विक खपत 54 करोड़ टन से 20 लाख टन ज्यादा है।

भारत में उत्पादन एवं उपयोग बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है। उल्लेखनीय है कि भारत चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक एवं चीन के बाद दूसरा सबसे बढ़ा उत्पादक देश है। चावल के अन्य निर्यातक देशों में थाईलैंड, वियतनाम एवं पाकिस्तान आदि शामिल है।