लगातार हो रही बारिश से प्रमुख उत्पादक राज्यों में तुवर की फसल को नुकसान की आशंका
06-Sep-2024 01:24 PM
नई दिल्ली । दक्षिण-पश्चिम मानसून की नियमित रूप से हो रही भारी वर्षा के कारण देश के प्रमुख अरहर (तुवर) उत्पादक राज्यों में फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। इसमें कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना एवं गुजरात जैसे शीर्ष उत्पादक प्रान्त भी शामिल हैं।
कर्नाटक एवं महाराष्ट्र देश के दो सबसे प्रमुख तुवर उत्पादक राज्य हैं और वहां इसके क्षेत्रफल में अच्छी बढ़ोत्तरी भी हुई है। लेकिन किसानों को डर है कि अत्यधिक वर्षा से खेतों में पानी का जमाव हो जाएगा।
कलबुर्गी स्थित कर्नाटक प्रदेश रेड ग्राम ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार राज्य के प्रमुख उत्पादक जिलों में वर्षा का दौर अब भी जारी है जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है।
इससे रूट रोट कीट का प्रकोप फैलने की आशंका है जिससे तुवर की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। अत्यधिक बारिश से उड़द एवं मूंग की फसल पहले ही प्रभावित हो चुकी है। कलबुर्गी जिले में इसकी फसल कटाई के लिए तैयार हो गई थी।
उल्लेखनीय है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना के प्रमुख तुवर उत्पादक इलाकों में पिछले सप्ताह जोरदार बारिश हुई थी। 29 अगस्त से 4 सितम्बर तथा यद्गीर में 249 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
इसी तरह समीक्षाधीन अवधि के दौरान महाराष्ट्र के निकटवर्ती जिलों में भारी वर्षा हुई। सामान्य औसत की तुलना में लातूर में 229 प्रतिशत तथा नांदेड में 264 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो गई।
तेलंगाना में भी सांगारेड्डी जिले में 328 प्रतिशत, विकाराबाद में 326 प्रतिशत और निजामाबाद में 336 प्रतिशत अधिशेष बारिश हुई।
खरीफ कालीन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 116.66 लाख हेक्टेयर से 7.26 प्रतिशत बढ़कर इस बार 30 अगस्त तक 125.13 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
इसके तहत खासकर अरहर का बिजाई क्षेत्र उछलकर 45.78 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो गत वर्ष की समान अवधि के क्षेत्रफल 40.74 लाख हेक्टेयर से 12.37 प्रतिशत या 5.04 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
