मूंग एवं उड़द की बिजाई में मिश्रित रुख
23-Jul-2025 01:41 PM
नई दिल्ली। खरीफ सीजन की दो महत्वपूर्ण दलहन फसल- मूंग तथा उड़द के बिजाई क्षेत्र में मिश्रित रुख देखा जा रहा है। एक तरफ 2024 की तुलना में इस वर्ष मूंग के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है तो दूसरी और उड़द का रकबा गत वर्ष से पीछे चल रहा है।
देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों और खासकर राजस्थान में मूंग की शानदार बिजाई हुई है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान मूंग का उत्पादन क्षेत्र राजस्थान में 17.68 लाख हेक्टेयर से उछलकर 22.04 लाख हेक्टेयर, कर्नाटक में 3.99 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.08 लाख हेक्टेयर तथा गुजरात में 27 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 33 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया मगर महाराष्ट्र में बिजाई क्षेत्र 2.12 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.91 लाख हेक्टेयर तथा तेलंगाना में 44 हजार हेक्टेयर से गिरकर 40 हजार हेक्टेयर रह गया। इस तरह उपरोक्त राज्यों में मूंग का कुल क्षेत्रफल 24.50 लाख हेक्टेयर से उछलकर 28.76 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
उड़द का क्षेत्रफल राष्ट्रीय स्तर पर 16.51 लाख हेक्टेयर से घटकर 14.45 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत रकबा गुजरात में 49 हजार हेक्टेयर से गिरकर 39 हजार हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 3.29 लाख हेक्टेयर से गिरकर 3.23 लाख हेक्टेयर रह गया जबकि कर्नाटक में 88 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 91 हजार हेक्टेयर तथा राजस्थान में 2.75 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.83 लाख हेक्टेयर हो गया।
तेलंगाना में रकबा 12 हजार हेक्टेयर पर स्थिर रहा। उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन के 7400 रुपए प्रति क्विंटल से 400 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 7800 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है लेकिन फिर भी इसकी खेती में किसानों का उत्साह एवं आकर्षण कम देखा जा रहा है। तुवर का रकबा भी गत वर्ष से पीछे है।
