महाराष्ट्र की 22 चीनी मिलों को गन्ना क्रशिंग का लाइसेंस नहीं
18-Nov-2025 08:17 PM
पुणे। निर्धारित नियमों का पालन करने में असफल रहने वाली 22 चीनी मिलों को महाराष्ट्र सरकार ने 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में गन्ना की क्रशिंग का लाइसेंस देने से इंकार कर दिया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया था कि जो चीनी मिलें नियमों- शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं करेगी उसे गन्ना की क्रशिंग आरंभ करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में 170 चीनी मिलों को पहले ही लाइसेंस मिल चुका है और उसने गन्ना की पेराई भी आरंभ कर दी है लेकिन शेष 22 इकाइयों का लाइसेंस अभी लंबित है।
इसमें सहकारी क्षेत्र की 12 एवं प्राइवेट क्षेत्र की 10 चीनी मिलें शामिल हैं। महाराष्ट्र के चीनी आयुक्त कार्यालय ने इन इकाइयों को लाइसेंस जारी करने से मना कर दिया है क्योंकि उसने अनिवार्य नियमों-शर्तों का पालन नहीं किया है।
महाराष्ट्र सरकार ने लाइसेंस जारी करने के लिए कुछ शर्तों का निर्धारण किया था। पहली शर्त यह है कि किसी भी चीनी मिल पर गन्ना किसानों का कोई बकाया नहीं होना चाहिए और किसानों को पिछले सीजन के गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) का पूरा भुगतान हो जाना चाहिए।
इसके अलावा गन्ना कटर कल्याण बोर्ड में प्रत्येक चीनी मिल को अपने अंश का योगदान देना आवश्यक है और साथ ही साथ मिलों को मुख्यमंत्री राहत कोष में भी आवश्यक धनराशि जमा करवानी पड़ेगी।
जानकार सूत्रों के अनुसार जिन 22 चीनी मिलों को लाइसेंस जारी नहीं किया गया है उसमें आठ इकाइयां सोलापुर संभाग में, तीन-तीन इकाइयां कोल्हापुर एवं छत्रपति संभाजी नगर में, दो-दो इकाइयां पुणे एवं नागपुर में तथा एक-एक इकाई अमरावती तथा अहिल्या नगर जिले में अवस्थित हैं।
