महाराष्ट्र में रबी फसलों का क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे निकला
25-Nov-2025 08:42 PM
मुम्बई। महाराष्ट्र में रबी कालीन फसलों की बिजाई अब धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगी है जिससे इसके क्षेत्रफल में नियमित रूप में सुधार हो रहा है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान तथा मानसून के बाद बेमौसमी वर्षा के कहर से खरीफ फसलों को वहां काफी नुकसान हुआ और अब किसान रबी फसलों से उसकी भरपाई करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके लिए जोरदार प्रयास जारी है।
राज्य कृषि विभाग की नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में इस वर्ष 24 नवम्बर तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 26 लाख हेक्टेयर से 1.77 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। वहां रबी फसलों की जोरदार बिजाई अभी जारी है।
पिछले साल की तुलना में मौजूदा रबी सीजन के दौरान महाराष्ट्र में गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 2.09 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.02 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का बिजाई क्षेत्र 1.34 लाख हेक्टेयर से घटकर 8.28 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। इसके फलस्वरूप गेहूं एवं मोटे अनाजों का कुल क्षेत्रफल भी पिछले साल के 1347 लाख हेक्टेयर से फिसलकर इस बार 1346 लाख हेक्टेयर रह गया।
लेकिन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र इसी अवधि में 10.59 लाख हेक्टेयर से उछलकर 12.35 लाख हेक्टेयर हो गया।
इसके अंतर्गत खासकर चना का बिजाई क्षेत्र 10.32 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 11.92 लाख हेक्टेयर तथा अन्य दलहनों का रकबा 27 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 43 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र देश के अग्रणी चना उत्पादक राज्यों में शामिल है।
महाराष्ट्र में रबी सीजन के दौरान तिलहन फसलों की खेती सीमित क्षेत्रफल में होती है। वहां इसका कुल उत्पादन क्षेत्र 18 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा है जो गत वर्ष के लगभग बराबर ही है। वहां तिल एवं सूरजमुखी की बिजाई आरंभ हो गई है।
