मक्का की बदौलत मोटे अनाजों के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी का अनुमान

26-Nov-2025 08:51 PM

नई दिल्ली। वर्ष 2025 के खरीफ सीजन में मोटे अनाजों का कुल बिजाई क्षेत्र बढ़कर 194.67 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया था जो पिछले साल के क्षेत्रफल 182.66 लाख हेक्टेयर से 12 लाख हेक्टेयर अधिक था।

इसके तहत खासकर मक्का का उत्पादन क्षेत्र 84.30 लाख हेक्टेयर से 10.65 लाख हेक्टेयर उछलकर 94.95 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। रागी तथा स्मॉल मिलेट्स का रकबा भी गत वर्ष से कुछ आगे रहा मगर ज्वार एवं बाजरा के क्षेत्रफल में थोड़ी गिरावट आ गई।

ज्वार का क्षेत्रफल 14.07 लाख हेक्टेयर बाजरा का बिजाई क्षेत्र 68.44 लाख हेक्टेयर, रागी का रकबा 11.81 लाख हेक्टेयर एवं स्मॉल मिलेट्स का उत्पादन क्षेत्र 5.40 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया। 

बिजाई क्षेत्र एवं फसल की हालत के आधार पर केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2025-26 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान मोटे एवं पोषक अनाजों का कुल उत्पादन बढ़कर 414.14 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की है जो 2024-25 के खरीफ उत्पादन 389.56 लाख टन से 24.58 लाख टन ज्यादा है।

इसके तहत खासकर मक्का का उत्पादन पिछले साल के 248.08 लाख टन 34.95 लाख टन उछलकर इस वर्ष 283.03 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की गई है। 

इससे पूर्व मोटे / पोषक अनाजों का खरीफ कालीन उत्पादन 2023-24 में 355.35 लाख टन, 2022-23 में 375.78 लाख टन तथा 2021-22 में 361.28 लाख टन दर्ज किया गया था।

इसी तरह खरीफ कालीन मक्का का उत्पादन 2023-24 में 222.45 लाख टन, 2022-23 में 236.74 लाख टन तथा 2021-22 के सीजन में 226.81 लाख टन हुआ था। 

मक्का के उत्पादन में तो अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है मगर ज्वार, बाजरा का उत्पादन कमजोर रहा। प्राकृतिक आपदाओं से खरीफ कालीन मोटे अनाजों की फसल को कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ और उसकी उपज दर घटने की संभावना है। खरीफ कालीन मोटे अनाजों की नई फसल की कटाई-तैयारी पहले ही आरंभ हो चुकी है।