मक्का की उपलब्धता बेहतर- रबी बिजाई भी अच्छी
24-Dec-2025 09:25 PM
नई दिल्ली। खरीफ सीजन में इस शानदार उत्पादन के सहारे घरेलू प्रभाग में मक्का की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है और कीमतों में भी ज्यादा तेजी आने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। एथनॉल निर्माताओं ने मक्का की अच्छी खरीदारी शुरू कर दी है जिससे आगामी समय के दौरान बाजार में स्थिरता का माहौल बन सकता है।
बीते खरीफ सीजन के दौरान मक्का का बिजाई क्षेत्र बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था और बाढ़-वर्षा जैसी- प्राकृतिक आपदाओं का कुछ प्रकोप रहने के बावजूद इसका शानदार उत्पादन हुआ। इससे आपूर्ति की स्थिति बेहतर हो गई।
अब रबी सीजन में भी इस सर्वाधिक महत्वपूर्ण मोटे अनाज की अच्छी बिजाई हो रही है जिससे क्षेत्रफल गत वर्ष से काफी आगे चल रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान रबी सीजन में 19 दिसम्बर तक मक्का का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 18.35 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 16.9 लाख हेक्टेयर से 1.45 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
इस वर्ष मक्का का सामान्य औसत क्षेत्रफल 23.61 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसके मुकाबले वास्तविक बिजाई अभी करीब 5.25 लाख हेक्टेयर पीछे है।
उल्लेखनीय है कि 2024-25 के सम्पूर्ण रबी सीजन के दौरान का उत्पादन क्षेत्र पीछे है। उल्लेखनीय है कि 2024-25 के सम्पूर्ण रबी सीजन के दौरान मक्का का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 27.80 लाख हेक्टेयर की ऊंचाई पर पहुंच गया था और मौजूदा सीजन के रकबे को उस उच्च स्तर तक पहुंचने के लिए अभी लम्बा सफर तय करना पड़ेगा।
सरकार ने किसानों को उत्पादक संवर्धन हेतु प्रोत्साहित करने के लिए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 सीजन के 2225 रुपए प्रति क्विंटल से 175 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया है।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में थोक मंडी भाव अभी सरकारी समर्थन मूल्य से नीचे चल आगामी सप्ताहों इसमें कुछ तेजी आ सकती है।
रबी कालीन मक्का का सर्वाधिक उत्पादन बिहार में होता है जहां मानसून सीजन के दौरान बारिश कम हुई थी। किसान इस वर्ष मक्का की खेती में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। यदि मक्का का भाव बढ़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से आगे निकलता है तो उत्पादकों को शानदार आमदनी प्राप्त हो सकती है।
