मिलों के पास चीनी का स्टॉक कम होने से बढ़ सकता है आपूर्ति का संकट
02-Aug-2025 12:40 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने अगस्त माह में घरेलू बिक्री के लिए शुगर फैक्टरी को 22.50 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा जारी करते हुए एक अधिसूचना में कहा था कि 31 जुलाई 2025 को स्वदेशी उद्योग के पास कुल 90.58 लाख टन चीनी का स्टॉक मौजूद था।
इसमें से 22.50 लाख टन का कोटा निकल जाने पर उद्योग के पास अगस्त के अंत में करीब 68 लाख टन चीनी का स्टॉक बचेगा और फिर सितम्बर का कोटा आने पर बकाया स्टॉक घटकर 50 लाख टन से भी कम रह जाएगा।
त्यौहारी सीजन में चीनी की मांग एवं खपत जारी है। उसे पूरा करने के लिए सरकार को चीनी का अधिक कोटा जारी करना पड़ता है। पिछले साल सरकार ने अगस्त के लिए 22 लाख टन तथा सितम्बर के लिए 23.50 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा नियत किया था।
इस बार अगस्त का कोटा उससे 50 हजार टन अधिक नियत किया गया है। यदि सितम्बर 2025 का कोटा सितम्बर 2024 के बराबर भी नियत किया गया तो 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास चीनी का स्टॉक घटकर 46 लाख टन के करीब रह जाएगा।
अगस्त-सितम्बर के दौरान कर्नाटक एवं तमिलनाडु में स्पेशल सेशन के दौरान उत्पादित 1-2 लाख टन चीनी का स्टॉक भी इसमें शामिल है।
पिछले साल मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2024 को स्वदेशी उद्योग के पास लगभग 79 लाख टन चीनी का विशाल बकाया स्टॉक मौजूद था जबकि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 261 लाख टन चीनी के घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया गया है
जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 319 लाख टन से 58 लाख टन या 18 प्रतिशत कम है। घरेलू खपत 280 लाख टन के करीब होने की संभावना है जबकि 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति जनवरी 2025 में ही दी जा चुकी है।
30 जून 2025 को उद्योग के पास 112 लाख टन चीनी का स्टॉक था जबकि जुलाई के लिए 22 लाख टन का फ्री सेल कोटा जारी होने के बाद माह के अंत में 90.58 लाख टन का स्टॉक रह गया।
इससे स्पष्ट संकेत मिला है कि जुलाई माह के लिए नियत कोटे की लगभग सम्पूर्ण चीनी के स्टॉक की बिक्री हो गई। रक्षाबंधन की मांग के कारण स्टॉकिस्टों ने चीनी की अच्छी खरीद करी थी।
यदि अक्टूबर में गन्ना की क्रशिंग जल्दी शुरू नहीं हुई तो चीनी की आपूर्ति का संकट पैदा हो सकता है। यह देखना आवश्यक होगा कि अक्टूबर एवं नवम्बर में उत्पादन का स्तर कैसा रहता है।
